भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 पहुंची, करीब 70,000 विस्थापित

Death toll from severe floods rises to 17, around 70,000 displaced
भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 पहुंची, करीब 70,000 विस्थापित
मलेशिया भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 पहुंची, करीब 70,000 विस्थापित
हाईलाइट
  • पीड़ितों की सहायता के लिए आवश्यक संसाधन जुटा रही है सरकार

डिजिटल डेस्क, कुआलालंपुर। मलेशिया में भीषण बाढ़ के कारण 9 अन्य लोगों की मौत हो गई, इसी के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। यह जानकारी सेलांगोर राज्य के अधिकारियों ने दी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार सेलांगोर राज्य के मुख्यमंत्री अमीरुद्दीन शैरी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही और शव मिले हैं। राज्य सरकार पीड़ितों की सहायता के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटा रही है। उन्होंने कहा इस समय हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि खोज और बचाव अभियान प्रभावी ढंग से चलाया जाए और यह उन सभी तक पहुंचे जिन्हें इसकी जरूरत है।

मलेशियाई समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार मलेशिया में बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों की संख्या स्थानीय समय के अनुसार मंगलवार की रात 10:00 बजे तक 7 राज्यों और संघीय क्षेत्र कुआलालंपुर में 69,400 से ज्यादा हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य पहांग है जो मलेशिया प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर स्थित है, जहां 42,000 से ज्यादा लोगों को बाढ़ राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है। इसके बाद सेलांगोर राज्य में 23,000 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया है।

देश के मौसम विभाग ने बुधवार को कई राज्यों में बारिश और तूफान के साथ प्रायद्वीप मलेशिया में भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य समाचार एजेंसी बरनामा के अनुसार प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकूब ने आज सुबह मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक में बताया कि विशेष रूप से इस साल के दौरान, तेरेंगानु, केलंतन और पहांग जैसे राज्य बाढ़ का सामना करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्वी तट के राज्यों को वार्षिक बाढ़ का सामना करने के लिए तैयार किया गया है। सेलांगोर राज्य में स्थिति अप्रत्याशित है और यह स्वीकार किया गया कि आपदा प्रबंधन प्रतिक्रिया के साथ समस्याएं हैं। मैं इससे इनकार नहीं करता। साथ ही भविष्य में और सुधार करूंगा। जिम्मेदारी अकेले संघीय सरकार की नहीं है, बल्कि राज्य सरकारों और जिलों में फ्रंटलाइनर्स की भी है। उन्होंने कहा सेलांगोर में यह समस्या है। हम इस बारे में पारदर्शी हैं और मैं इसे कवर नहीं करना चाहता।

 

(आईएएनएस)

Created On :   22 Dec 2021 3:30 AM GMT

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story