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ट्रंप बोले- खुफिया जानकारी मिली है, चीन हांगकांग बॉर्डर पर कर रहा सैनिकों को मूव

ट्रंप बोले- खुफिया जानकारी मिली है, चीन हांगकांग बॉर्डर पर कर रहा सैनिकों को मूव

हाईलाइट

  • प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का हांगकांग मामले में बयान सामने आया है
  • ट्रंप ने कहा, चीनी सरकार हांगकांग बॉर्डर पर अपने सैनिकों को मूव कर रही है

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। चीन के अमेरिका से हांगकांग मामले में हस्तक्षेप तुरंत बन्द करने के आग्रह के बाद प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। ट्रंप ने कहा, 'हांगकांग में चल रही समस्याओं के लिए कई लोग मुझ पर और अमेरिका पर आरोप लगा रहे हैं। मुझे नहीं पता क्यों?' उन्होंने कहा, 'हमारी इंटेलिजेंस ने हमें सूचित किया है कि चीनी सरकार हांगकांग बॉर्डर की तरफ अपने सैनिकों को मूव कर रही है। सभी को शांत और सुरक्षित होना चाहिए!' ट्रंप ने इससे जुड़ा एक वीडियो भी रिट्वीट किया है।

बता दें कि इससे पहले चीन ने अमेरिका से हांगकांग मामले में हस्तक्षेप तुरंत बन्द करने का आग्रह किया था। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ह्वा छुन यिंग ने 12 अगस्त को संवाददाताओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा था कि 'अमेरिका ने कई बार हांगकांग मामले में गैर-जिम्मेदार टिप्पणी की है। उसके शब्द तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं। अमेरिका के राजनेताओं और राजनयिकों ने चीन का विरोध करने वाले और हांगकांग को परेशान करने वालों से मुलाकात की, जिससे हांगकांग की समृद्धि और स्थिरता को नुकसान पहुंचा है।'

ह्वा छुन यिंग ने एक बार फिर दोहराया था कि हांगकांग का मामला चीन का आंतरिक मामला है। चीन ने अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के बुनियादी मापदंडों का पालन करते हुए तुरंत ही हांगकांग मामले और चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप बन्द करने का आग्रह किया था।

बता दें कि हांगकांग में चीन के हस्तक्षेप के चलते लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। लोग चीनी सरकार के जबरन थोपे जा रहे कानून का विरोध कर रहे हैं। हांगकांग में चीन सरकार की प्रतिनिधि कैरी लैम के चीन के साथ प्रत्यर्पण संधि के समर्थन के बाद इस तरह की स्थिति पैदा हुई है। इस संधी में हांगकांग में दर्ज मुकदमों की सुनवाई चीन की अदालतों में करने का प्रस्ताव है।

संधि के विरोध में लोगों का गुस्सा देख हांगकांग में चीन का प्रतिनिधि प्रशासन तो पीछे हट गया लेकिन आंदोलन शांत नहीं हुआ। एकजुट आंदोलनकारी लोकतंत्र की मांग पर उतर आए। इसी के बाद से हांगकांग की सड़कों पर आंदोलन जारी है, जिसे समाज के सभी वर्गों और सरकारी संगठनों का समर्थन हासिल है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।