तख्त, तालिबान और तालीम: तालिबान सरकार के 5 मंत्रियों का पाकिस्तान से गहरा कनेक्शन, इस मदरसे से हासिल की तालीम

September 9th, 2021

हाईलाइट

  • तालिबान के 5 मंत्रियों ने पाकिस्तान के हक्कानिया मदरसे से पढ़ा
  • तालिबान का हक्कानिया मदरसा, जिहाद विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है

डिजिटल डेस्क, अफगानिस्तान। अफगानिस्तान पर नियंत्रण के बाद तालिबान ने अंतरिम सरकार के गठन का एलान कर दिया है। तालिबान के मंत्रिमंडल में 1990 के दशक के कई अनुभवी नेता शामिल हैं। तालिबान ने मुल्ला हसन अखुंद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। वहीं मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। दिलचस्प बात यह है कि तालिबान के मंत्रियों की सूची में 5 ऐसे मंत्री हैं, जिन्होनें पाकिस्तान के हक्कानिया मदरसे से तालीम पाई है। 

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तालिबान प्रवक्ता और पाक मदरसा

बीबीसी उर्दू ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इन पांच नेताओं के अलावा अफगान तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद नईम भी दारूल उलूम हक्कानिया से पढ़े हैं। साथ ही मोहम्मद नईम ने इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी इस्लामाबाद से पीएचडी की है। अफगान तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन भी इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी इस्लामाबाद में पढ़े हैं। हालांकि मोहम्मद नईम और सुहैल शाहीन को अफगानिस्तान की कैबिनेट टीम में शामिल नहीं किया गया है।

 दारूल उलूम हक्कानिया के छात्र

दारूल उलूम हक्कानिया से पढ़ने वालों में तालिबान के कई नेता शामिल हैं। उनमें पूर्व अफगान नेता मौलाना जलालुद्दीन हक्कानी, मौलाना यूनुस खालिस, मौलाना नबी मोहम्मदी शामिल हैं, जिसने सोवियत यूनियन को शिकस्त दी थी। 

 हक्कानिया मदरसा की इतनी चर्चा क्यों?

दारुल उलूम हक्कानिया मदरसा पाकिस्तान में अकोरा खट्टक में स्थित है। ये जिहाद यूनिवर्सिटी के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि हक्कानी नेटवर्क का नाम इसी मदरसे के नाम पर रखा गया है। हक्कानिया मदरसा सबसे महत्वपूर्ण और ताकतवर कट्टरपंथी सुन्नी नेटवर्क है और यह एक 'आतंकवाद कारखाने` के रूप में काम करता है। जहां छात्रों को युद्ध करने, बम बनाने और गुरिल्ला युद्ध करने की ट्रेनिंग दी जाती है।

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