दैनिक भास्कर हिंदी: पाकिस्तान: ऐतिहासिक गुरु नानक महल में तोड़फोड़, शरारती तत्वों ने कीमती सामान बेचा 

May 27th, 2019

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के चार मंजिला गुरु नानक महल में शरारती तत्वों ने की तोड़फोड़ 
  • महल में लगे महंगे खिड़की और दरवाजों को बेच दिया गया 
  • पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है गुरु नानक महल

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित ऐतिहासिक ‘गुरु नानक महल’ के एक बड़े हिस्से में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, कुछ शरारती तत्वों ने महल में तोड़फोड़ की बाद में महल से कीमती सामान भी चुरा ले गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक महल में लगे महंगे खिड़की और दरवाजों को तोड़कर बेच दिया गया। फिलहाल आसपास के इलाके के लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 

पाकिस्तान के 'डॉन' अखबार की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब प्रांत में कुछ स्थानीय लोगों ने औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से सदियों पुराने गुरु नानक महल के एक बड़े हिस्से को तोड़ दिया और उसकी कीमती खिड़कियां और दरवाजे भी बेच दिए। 

बता दें कि इस चार मंजिला इमारत की दीवारों पर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक के अलावा हिंदू शासकों और राजकुमारों की तस्वीरें लगी हुई थीं। बाबा गुरु नानक महल 400 साल पहले बनाया गया था। यहां लाखों की संख्या में भारत और विदेश से सिख तीर्थ यात्री आते हैं। यह महल लाहौर से करीब 100 किलोमीटर दूर नारोवल शहर में स्थित है। इसमें कुल 16 कमरे हैं और हर कमरे में तीन-तीन दरवाजें लगे हुए हैं। इसके अलावा हर कमरे में कम से कम चार रोशनदान भी लगे हैं। 

डॉन अखबार के मुताबिक, इस महल पर किसका मालिकाना हक है और इसकी देखभाल की जिम्मेदारी किसकी है इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं। अधिकारियों को भी इस महल के मालिक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। महल के पास एक गांव के रहने वाले मोहम्मद असलम ने बताया, वो लोग इस महल को महलान कहते हैं। एक अन्य स्थानीय निवासी मोहम्मद अशरफ ने कहा, औकाफ विभाग को बताया गया कि कुछ लोग इमारत में तोड़ फोड़ कर रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही कोई मौके पर पहुंचा। अशरफ ने कहा, लोगों ने औकाफ विभाग की मौन सहमति से इमारत को ध्वस्त कर दिया और उसकी कीमती खिड़कियां, दरवाजे, रोशनदान और लकड़ी बेच दी।