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इमरान ने रेहम से शादी को बताया अपनी सबसे बड़ी गलती, बुशरा से शादी पर किया ये खुलासा

July 23rd, 2018 09:55 IST
इमरान ने रेहम से शादी को बताया अपनी सबसे बड़ी गलती, बुशरा से शादी पर किया ये खुलासा

हाईलाइट

  • इमरान ने रेहम से शादी को बताया अपनी सबसे बड़ी गलती।
  • इमरान ने शादी के बाद देखा अपनी तीसरी पत्नी का चेहरा।
  • तीन शादियां कर चुके हैं PTI चीफ और पूर्व क्रिकेटर इमरान।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के चीफ इमरान खान की दूसरी पत्नी रेहम खान ने अपनी आत्मकथा के माध्यम से पिछले दिनों बड़े खुलासे किए थे। उन्होंने अपनी किताब में इमरान खान को समलैंगिक बताया था, साथ ही उन्होंने इमरान पर कालू जादू करने और ड्रग्स लेने के भी आरोप लगाए थे। रेहम ने किताब में यह भी दावा किया था कि इमरान के भारतीय महिलाओं से पांच बच्चे भी हैं। अब इमरान खान ने इस मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने रेहम खान से शादी करने को अपनी सबसे बड़ी गलती करार दिया है। डेली मेल को दिए इंटरव्यू में इमरान ने कहा है, 'मैं आमतौर पर रेहम के बारे में कुछ नहीं कहता हूं, लेकिन मैं अब कहना चाहूंगा कि मैंने जिंदगी में कुछ गलतियां की हैं, लेकिन दूसरी शादी मेरी सबसे बड़ी गलती थी।'

गौरतलब है कि रेहम खान से तलाक के बाद इमरान को बेहद परेशानियां झेलना पड़ी हैं। तलाक के बाद से रेहम ने अपने बयानों और लेखों से इमरान पर कई आरोप लगाए हैं। इन आरोपों का नुकसान इमरान को आम चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ठीक चुनाव से पहले इमरान पर लगे ये आरोप महज इमरान ही नहीं पूरी पार्टी को प्रभावित कर सकते हैं। इमरान भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि रेहम के आरोपों से उनकी छवि को नुकसान हुआ है। हालांकि इससे पार्टी को नुकसान की बात वे नकारते रहे हैं।

डेली मेल को दिए इंटरव्यू में वे आम चुनाव में अपनी जीत को लेकर बेहद आश्वस्त दिखे। इंटरव्यू में उन्होंने अपनी दूसरी शादी के बाद तीसरी शादी के बारे में भी बात की। इमरान ने बताया कि शादी होने से पहले तक उन्होंने अपनी तीसरी पत्नी का चेहरा एक बार भी नहीं देखा था। उन्होंने बताया, 'बुशरा को मैंने शादी के बाद ही देखा। शादी से पहले मैंने बस बुशरा की एक पुरानी फोटो देखी थी।' हालांकि, इमरान ने यह भी कहा कि जब पहली बार बुशरा ने पर्दा हटाया तो 'वे निराश नहीं हुए। बता दें कि इस साल फरवरी में उन्होंने पाकपट्टन में एक सम्मानित पीर का दर्जा रखने वाली बुशरा से शादी की थी। 39 साल की बुशरा 5 बच्चों की मां है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।