दैनिक भास्कर हिंदी: इराक में अक्टूबर से अब तक 485 लोगों की मौत, 27 हजार घायल

December 21st, 2019

हाईलाइट

  • इराक की संसदीय मानवाधिकार समिति ने एक रिपोर्ट में खुलासा
  • सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में करीब 485 लोगों ने गंवाई जान
  • भ्रष्टाचार, रोजगार, आर्थिक सुधार व सरकार को बर्खास्त करने का विरोध

डिजिटल डेस्क, बगदाद। इराक में सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में जान गंवाने वालों का आंकड़ा सामने आया है। आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के बाद से अब तक सरकार के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शनों में करीब 485 ने अपनी जाने गंवा दी, जबकि 27 हजार लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस आंकड़े की जानकारी इराक के मानवाधिकार विभाग के एक अधिकारी द्वारा दी गई है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मानवाधिकार के लिए कार्यरत इंडिपेंडेंट हाई कमीशन के सदस्य अली अल-बैयाती ने बताया कि अक्टूबर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों की शुरुआत से लेकर अब तक मरने वालों की संख्या 485 पहुंच गई है, जबकि इराक के सभी प्रांतों में हुए प्रदर्शनों में करीब 27,000 लोग घायल हुए हैं। व्यापक सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और बेहतर सार्वजनिक सुविधा और नौकरी के अधिक अवसरों की मांग को लेकर बगदाद और केंद्रीय व दक्षिणी इराक के शहरों में व्यापक प्रदर्शन का दौर जारी है।

अल-बैयाती ने कहा कि 'प्रदर्शनकारियों में से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 2,807 तक पहुंच गई है, जिनमें से 107 अभी भी हिरासत में हैं।' इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 'प्रदर्शनकारियों और नागरिक समाज कार्यकर्ताओं सहित 48 लोगों का अज्ञात बंदूकधारियों ने अपहरण किया है।' वहीं इराक में अपहरण और हत्या के मामलों में भी अचानक से बढ़ोतरी देखी गई है।

बता दें कि इराक में अक्टूबर से सरकार को बर्खास्त करने, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, आर्थिक सुधार करने और रोजगार के अवसर पैदा करने जैसी कई मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हिंसा को देखते हुए इराकी सरकार ने बगदाद समेत अन्य शहरों में कर्फ्यू लगा दिया था और इंटनेट सेवा भी ठप कर दी थी। इराक के लोग मौजूदा राजनीतिक दलों को दोषी ठहरा रहे हैं। माना जाता है कि 2003 में पूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के पतन के बाद से देश में बेरोजगारी और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं बढ़ी हैं।