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पाकिस्तान: कराची में जुमे की नमाज से रोकना पुलिस को पड़ा महंगा, लोगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा


हाईलाइट

  • जुमे की नमाज से रोकना पुलिस को पड़ा भारी
  • लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया
  • लॉकडाउन होने के कारण सामूहिक नमाज पर रोक है

डिजिटल डेस्क, कराची। पाकिस्तान के शहर कराची (Karachi) में लॉकडाउन (Lockdown) के मद्देनजर कुछ लोगों को जुमे की नमाज से रोकना पुलिस के लिए भारी पड़ गया। इन लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। पुलिसकर्मी किसी तरह भागकर और एक घर में छिपकर खुद को बचा सके।

पाकिस्तान में लॉकडाउन होने के कारण सामूहिक नमाज (Namaz) पर रोक है। संघीय व प्रांतीय सरकारों ने फैसला किया हुआ है कि मस्जिद में किसी भी सूरत में पांच से अधिक लोग नमाज नहीं पढ़ सकते। कई उलेमा ने सरकार का साथ देने का वादा किया, इसके बावजूद बीते जुमे को कई जगहों पर सामूहिक नमाज पढ़ने की कोशिश हुई थी।

इससे सीख लेते हुए सिंध व अन्य प्रांतों में शुक्रवार को जुमे के अवसर पर दोपहर 12 बजे से अपरान्ह तीन बजे तक एक तरह से कर्फ्यू लगा दिया गया ताकि कोई मस्जिद का रुख न करे और घरों में नमाज पढ़ी जाए। लेकिन, सिंध की राजधानी कराची के लियाकताबाद इलाके की एक मस्जिद के बेसमेंट में लोग नमाज पढ़ने पहुंच गए। पुलिसकर्मियों को सूचना मिली तो वे लोगों को नमाज सामूहिक रूप से नहीं पढ़ने के लिए कहने पहुंचे। इस पर लोग भड़क गए और उन्होंने पुलिस वालों पर हमला बोल दिया।

पुलिसकर्मियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर नमाज पढ़ाने वाले पेश इमाम ने लोगों को भड़काया। पुलिसकर्मियों ने यह भी बताया कि एक नागरिक ने उन्हें अपने घर में छिपाकर भीड़ से बचाया। इमाम को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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