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रोहिंग्या पर रिपोर्ट तैयार करने म्यांमार गए रॉयटर्स के दो पत्रकारों को 7 साल की कैद

September 03rd, 2018 15:57 IST

हाईलाइट

  • रॉयटर्स के दो पत्रकारों को सात साल की सजा।
  • रोहिंग्या मुसलमानों पर रिपोर्ट तैयार करने म्यांमार गए थे दोनों पत्रकार।
  • म्यांमार के न्यायधीश ने सुनाई सजा, 30 बार कोर्ट में पेश हो चुके थे दोनों पत्रकार।

डिजिटल डेस्क, वर्मा। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर गलत रिपोर्ट तैयार करने वाले रॉयटर्स के दो पत्रकार ला लोन और कयाव सोई ओ को कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है। पत्रकारों पर अवैध रूप से आधिकारिक दस्तावेज रखने का आरोप है। दोनों पत्रकार रखाइन राज्य में रोहिंग्या मुसलमान अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की घटनाओं पर रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। दोनों पत्रकारों को म्यांमार के शासकीय गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन का दोषी करार दिए जाने पर न्यायालय ने 7 साल की सजा सुनाई है।  

गौरतलब है कि दोनों पत्रकारों को दो पुलिसकर्मियों से मुलाकात के बाद 12 दिसंबर 2017 की रात को गिरफ्तार किया गया। दोनों को तब से बिना जमानत के हिरासत में रखा गया था और अदालत के समक्ष करीब 30 बार प्रस्तुत किया गया दोनों पत्रकारों ने गुहार लगाई है कि उन्हें म्यांमार के औपनिवेशिक कालीन सरकारी गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने का दोषी ना ठहराया जाए। पत्रकारों ने दलील दी है कि रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ म्यांमार की क्रूर कार्रवाई के संबंध में खोजी पत्रकारिता करने और उसकी खबरें लिखने के लिए पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। 


पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका की राजदूत निक्की हेली का कहना था कि हमें उम्मीद है कि म्यांमार सरकार अवैध रूप से आधिकारिक दस्तावेज रखने के आरोपी बनाये गए पत्रकारों को बरी कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हेली ने सुरक्षा परिषद के समक्ष कहा था कि किसी भी लोकतंत्र के लिए एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस महत्वपूर्ण है हमें पत्रकारों की रिहाई के लिए भी दबाव जारी रखना चाहिए जो इस मानवीय त्रासदी पर रिपोर्ट कर रहे हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।