दैनिक भास्कर हिंदी: विश्व बैंक के सामने पाक ने की भारत की शिकायत, सिंधु जल संधि पर सुनाया दुखड़ा

May 23rd, 2018

हाईलाइट

  • पाकिस्तान एक बार फिर सिंधु जल संधि पर विश्व बैंक के सामने अपना दुखड़ा रोया है।
  • पाकिस्तान ने शिकायत की है कि भारत सिंधु के पानी के जरिए हमारे लिए नई मुसीबत खड़ी कर रहा है।
  • बीते शनिवार 19 मई 2018 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 330 मेगावॉट क्षमता वाली किशनगंगा विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया था।
  • इसके साथ ही किश्तवार जिले में 1,000 मेगावॉट की पाकल दुल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी थी।
  • इन दोनों ही योजनाओं को केंद्र सरकार की पाकिस्तान के खिलाफ एक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
  • पाकिस्तान की ओर से की गई भारत की शिकायत पर विश्व बैंक ने कहा है कि इस मसले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने पर चर्चा की जा रही है।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। पाकिस्तान एक बार फिर सिंधु जल संधि पर विश्व बैंक के सामने अपना दुखड़ा रोया है। पाकिस्तान ने शिकायत की है कि भारत सिंधु के पानी के जरिए हमारे लिए नई मुसीबत खड़ी कर रहा है। बता दें कि बीते शनिवार 19 मई 2018 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 330 मेगावॉट क्षमता वाली किशनगंगा विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया था। इसके साथ ही किश्तवार जिले में 1,000 मेगावॉट की पाकल दुल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी थी। इन दोनों ही योजनाओं को केंद्र सरकार की पाकिस्तान के खिलाफ एक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से की गई भारत की शिकायत पर विश्व बैंक ने कहा है कि इस मसले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने पर चर्चा की जा रही है।

 

पाकिस्तान के सामने सिंधु नदी के पानी से मुसीबत खड़ी करेगा भारत


विश्व बैंक के प्रवक्ता ने दिया यह जवाब


बता दें कि 1960 के सिंधु नदी समझौते के तहत भारत अपने हिस्से के पानी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहता है। जिससे पाकिस्तान में पानी की किल्लत आ सकती है, पाकिस्तान इसी बात से घबराया हुआ है। पाकिस्तान में कई जगहों पर वैसे ही पानी का संकट है। पाकिस्तान का दावा है कि भारत से बहकर आने वाली इस नदी पर परियोजना शुरू होने से उसके पानी की आपूर्ति बाधित होगी। पाकिस्तान के विदेश विभाग ने भी इस पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद के निपटारे के बिना इस परियोजना का उद्घाटन सिंधु जल संधि 1960 का उल्लंघन है। वहीं पाकिस्तान की शिकायत पर विश्व बैंक के प्रवक्ता का कहना है कि सिंधु जल संधि महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय करार है।

 

 

स्थाई सिंधु आयोग की बैठक में उठ चुका है मामला

विश्व बैंक के साथ बैठक के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया है कि इस विषय पर कोई उचित समाधान निकाला जाए। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल बंटवारे को लेकर बातचीत की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए पहले ही स्थायी सिंधु आयोग की मार्च महीने में नई दिल्ली में दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी। जहां संधि के तहत विभिन्न मुद्दों का हल निकलने की कोशिश की गई थी। स्थाई सिंधु आयोग की यह 114वीं बैठक थी। 

 

 

सिंधु जल संधि के दायरे में ये नदियां

सिंधु जल संधि के अनुसार, साल में कम से कम आयोग की एक बैठक भारत-पाकिस्तान में होनी चाहिए। सिंधु संधि के दायरे में छह नदियां आती हैं। व्यास, रावी, सतलज, सिंध, चेनाब और झेलम। इस संधि के तहत पश्चिम की ओर बहने वाली तीन नदियों- सिंध, झेलम और चेनाब का पानी पाकिस्तान के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि रावी, सतलज और व्यास का पानी भारत के हिस्से में आता है।

 

 

पाक ने लगाया भारत पर आरोप

पाकिस्तान ने भारत पर कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है। पीएम मोदी के किशनगंगा जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करने के कुछ दिनों बाद कल इस मामले पर बैठक हुई। जिसमें पाकिस्तान ने आपत्ति जताई कि सिंधु नदी पर परियोजना शुरू करने से पानी की आपूर्ति बाधित होगी। दोनों देशों के बीच विवाद का निपटारा हुए बिना प्रोजेक्ट का उद्घाटन करना सिंधु जल संधि 1960 का उल्लंघन करना है। इस संधि के तहत तय हुआ था कि नदी के पानी को बराबर मात्रा में साझा किया जाएगा। विश्व बैंक के प्रवक्ता ने कहा यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जो भारत–पाकिस्तान को मानवीय जरूरतों को पूरा करने और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक आवश्यक सहकारी ढांचा प्रदान करता है।

 

 

सिंधु जल संधि परआज भी होगी चर्चा

इस मामले पर चर्चा आज भी जारी रहेगी। पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ अली ने आपत्ति जताई है कि जलविद्युत परियोजना दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) में दिए मानदंड के तहत नहीं है। वहीं भारत का कहना है परियोजना संधि के मानकों के तहत ही तैयार की गई है। सिंधु नदी पर पाकिस्तान की 80 प्रतिशत कृषि निर्भर करती है। पाकिस्तान भारत के पॉवर प्रॉजेक्ट का विरोध कर रहा है। पाक ने अपना 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन रवाना किया है। पाकिस्तान की कहना है कि वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुए सिंधु जल समझौते का भारत ने उल्लंघन किया है। विश्व बैंक ने सिंधु और उसकी सहायक नदियों का पानी का बंटवारा करने के लिए यह समझौता करवाया था।