तालिबान ने पाकिस्तान को भेजा न्यौता: अफगानिस्तान में नई सरकार के गठन से पहले पाक खुफिया एजेंसी ISI के चीफ जनरल फैज हमीद पहुंचे काबुल

September 4th, 2021

हाईलाइट

  • अफगानिस्तान पहुंचे ISI के चीफ जनरल फैज हमीद
  • अफगानिस्तान में होना है नई सरकार का गठन
  • तालिबान का समर्थन कर रहा है पाकिस्तान

डिजिटल डेस्क, काबुल। तालिबान के निमंत्रण पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख जनरल फैज हमीद काबुल पहुंचे हैं। इस बीच काबुल में एक बार फिर तालिबान (Taliban) और पाकिस्तान के नापाक गठजोड़ का सबूत मिला है। पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी। हालांकि, अब तक स्पष्ट नहीं है कि जनरल फैज हमीद ने शनिवार को तालिबान नेतृत्व से क्या बातचीत की, लेकिन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का तालिबान पर काफी प्रभाव माना जाता है। फैज हमीद के साथ पाकिस्तानी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद हैं।  

बता दें कि वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए विदेश सचिव हर्ष वी श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान का पड़ोसी है और अफगानिस्तान की चुनी हुई सरकार हटाने के लिए पाकिस्तान ने तालिबान का समर्थन किया है। अब पंजशीर घाटी में भारी लड़ाई के बीच तालिबान जल्द ही नए सरकार के गठन की घोषणा करने वाला है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि अफगानिस्तान में नई सरकार के गठन को एक दिन के लिए टाल दिया गया। मुजाहिद ने कहा कि नई सरकार के गठन की घोषणा शनिवार को की जाएगी।

विदेश मामलों के जानकारों को मनाना है कि अफगानिस्तान की चुनी हुई सरकार को सत्ता से हटाने और तालिबान को अफगानिस्तान में एक निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित करने में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि आइएसआइएस-के और अल-कायदा के लगभग सभी विदेशी सदस्य पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में प्रवेश कर चुके हैं और इन संगठनों के नेता पाकिस्तान में रह रहे हैं। गौरतलब है कि तालिबानी नेतृत्व का मुख्यालय पाकिस्तान में था और अक्सर कहा जाता है कि उसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘इंटर सर्विसज इंटेलीजेंस एजेंसी’ (आईएसआई) से सीधे संबंध है।