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पाकिस्तान : मृत हिंदू छात्रा के शरीर व कपड़ों के नमूनों पर पुरुष डीएनए के निशान मिले

October 29th, 2019 17:30 IST
 पाकिस्तान : मृत हिंदू छात्रा के शरीर व कपड़ों के नमूनों पर पुरुष डीएनए के निशान मिले

हाईलाइट

  • पाकिस्तान : मृत हिंदू छात्रा के शरीर व कपड़ों के नमूनों पर पुरुष डीएनए के निशान मिले

लरकाना, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना की मेडिकल छात्रा नम्रता चंदानी की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। नम्रता के शरीर व कपड़ों के नमूनों पर किसी पुरुष के डीएनए सैंपल के निशान मिले हैं।

रोजनामा पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, लरकाना स्थित शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो मेडिकल कॉलेज के बीबी आसिफा डेंटल कॉलेज की छात्रा नम्रता की डीएनए रिपोर्ट जारी कर दी गई है। जामशोरो की फॉरेंसिक लैब से जारी की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, नम्रता के शरीर के नमूनों और कपड़ों पर एक पुरुष के डीनए सैंपल के निशान मिले हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि लरकाना के एसएसपी मसूद बंगश ने बताया कि नम्रता की डीएनए रिपोर्ट संबंधित पुलिस स्टेशन को मिल चुकी है और इसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

लरकाना पुलिस ने बीती 16 सितंबर को नम्रता को मृत पाए जाने के बाद 17 सितंबर को उनके शरीर के नमूने और उनके कपड़े डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब को भेज दिए थे। अब इसकी रिपोर्ट में बताया गया है कि इन पर पुरुष के डीएनए के निशान मिले हैं।

नम्रता का शव 16 सितंबर को उनके हास्टल के कमरे में मिला था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा और शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कहा गया कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है, लेकिन नम्रता के परिजनों ने साफ कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। नम्रता के भाई विशाल पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा था कि शव को देखकर यह कहा जा सकता है कि उनकी बहन की हत्या की गई है।

पुलिस ने इस मामले में नम्रता के साथ पढ़ने वाले दो छात्रों को हिरासत में लिया था। इनमें से एक महरान अबरो की नम्रता से गहरी मित्रता पाई गई। अबरो का दावा है कि नम्रता उससे शादी करना चाहती थी लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं था और इस बात से वह काफी परेशान थी।

नम्रता के घरवालों, सहपाठियों, हिंदू समुदाय और सिंध की सिविल सोसाइटी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार पर दबाव बनाया। इसके बाद इस मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।