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पाकिस्तान: FATF की बैठक के बाद हाफिज सईद होगा रिहा !

पाकिस्तान: FATF की बैठक के बाद हाफिज सईद होगा रिहा !

हाईलाइट

  • 16 फरवरी को होनी है FATF की बैठक
  • टेरर फाइनेंसिंग मामलों में दोषी है हाफिज
  • गिरफ्तारी के आदेशों में छोड़ी गई हैं कमियां

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड और पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद को साढ़े 5 साल की जेल की सजा दी गई है। हालांकि उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक के बाद रिहा भी किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक हाफिज की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए आदेशों में जानबूझकर ऐसी कमियां छोड़ी गई हैं, जिसके चलते उसकी कभी भी रिहाई हो सकती है।

पेरिस में रविवार यानी 16 फरवरी को FATF की बैठक होनी है, जिसमें पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बने रहने या यहां से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डालने या व्हाइट लिस्ट में डालने पर फैसला किया जाएगा। इससे पहले FATF ने पाकिस्तान को आदेश दिया था कि वह धनशोधन और आतंक वित्तपोषण पर लगाम लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए। बैठक में इस आधार पर फैसला किया जाएगा कि इस दिशा में पाकिस्तान ने कितना काम किया है।

बता दें कि बुधवार को लाहौर की आतंकवाद-रोधी अदालत (Anti Terrorism Court) ने टेरर फाइनेंसिंग के दो मामलों में हाफिज सईद को दोषी ठहराया था। इसके साथ ही कोर्ट ने हाफिज पर दोनों मामलों में साढ़े 5 - साढ़े 5 साल की जेल की सजा सुनाई थी और 15,000 रुपए का जुर्माना भा लगाया था। हाफिज के वकील का कहना है कि वह कोर्ट के इस फैसले को लाहौर हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

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ATC जज अरशद हुसैन भट्टा ने फैसले की घोषणा की
हाफिज सईद को एंटी टेररिज्म एक्ट की धारा 11-F (2) के तहत दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने हाफिज सईद को कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर (कारावास की सजा की अवधि में कमी) के सेक्शन 382-B का लाभ भी दिया। अदालत ने अधिकारियों को अगले आदेश तक सईद को हिरासत में रखने का निर्देश दिया। एटीसी जज अरशद हुसैन भट्टा ने फैसले की घोषणा की। अदालत ने 6 फरवरी को दो मामलों में अपने फैसले को सुरक्षित रखा था। सईद को मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग और भूमि कब्जाने से संबंधित कई मामलों में आरोपी बनाया गया था।

पिछले साल जुलाई में किया गया था अरेस्ट
टेरर फाइनेंसिंग के मामलों को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) लाहौर और गुजरांवाला चैपटर्स ने दर्ज किया था। CTD के गुजरांवाला चैप्टर के दायर किए गए मामले की सुनवाई शुरुआत में गुजरांवाला ATC में हो रही थी, लेकिन लाहौर हाईकोर्ट के निर्देश पर उसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया था। दोनों मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए। JuD प्रमुख को पिछले साल जुलाई में CTD ने उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वह लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था।

मुंबई हमलों का मास्टर माइंड है हाफिज
हाफिज के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा (JuD) को लश्कर से जुड़ा संगठन माना जाता है। लश्कर ने ही 2008 में मुंबई हमलों को अंजाम दिया था। इस हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे। हालांकि हाफिज की गिरफ्तारी 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले को लेकर नहीं हुई थी, बल्कि टेरर फंडिंग से जुड़े कई मामलों में हुई थी। हाफिज की गिरफ्तारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पहली अमेरिका यात्रा के कुछ ही दिन पहले हुई था। राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान को उसकी धरती से संचालित होने वाले आतंकी समूहों पर लगाम लगाने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने के लिए चेताया था।

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