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इमरान खान का कबूलनामा- पाकिस्तान में अभी भी हैं 30 से 40 हजार आतंकी


हाईलाइट

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का बड़ा खुलासा
  • पाकिस्तान में अभी भी लगभग 30,000 से 40,000 आतंकवादी हैं

डिजिटल डेस्क,वाशिंगटन। तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आतंकवाद के मुद्दे पर कई बड़े खुलासे किए हैं। पीएम इमरान खान ने ये कबूल किया है कि, पाकिस्तान में अभी भी करीब 30 से 40 हजार आतंकवादी मौजूद हैं। 40 आतंकी संगठन काम कर रहे थे। इमरान खान ने ये भी माना है कि, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ही पुलवामा हमला किया था। 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को एक चौंकाने वाला खुलासा किया कि, उनके देश में अभी भी लगभग 30,000 से 40,000 आतंकवादी हैं, जो अफगानिस्तान या कश्मीर के कुछ हिस्सों में प्रशिक्षित हुए और वहीं लड़े हैं। पाकिस्तानी नेता ने यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में अपने तीन दिवसीय यात्रा के दौरान ये टिप्पणियां कीं। इमरान खान ने कहा, उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार के सत्ता में आने से पहले, सरकारों के पास अपनी मिट्टी पर काम करने वाले आतंकवादी समूहों को निरस्त्र करने की "राजनीतिक इच्छा" नहीं थी। पाकिस्तानी राजनीति में एक वाटरशेड था। 2014 में पाकिस्तानी तालिबान ने आर्मी पब्लिक स्कूल में 150 स्कूली बच्चों की हत्या कर दी थी। सभी राजनीतिक दलों ने नेशनल एक्शन प्लान पर हस्ताक्षर किए और हम सभी ने उसके बाद फैसला किया, कि हम किसी भी उग्रवादी समूह को संचालित करने की अनुमति नहीं देंगे। 

पाक पीएम ने कहा, जब तक हम सत्ता में आए, सरकारों की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी, क्योंकि जब आप आतंकवादी समूहों के बारे में बात करते हैं, तो हमारे पास लगभग 30,000-40,000 सशस्त्र लोग हैं, जो अफगानिस्तान या कश्मीर के कुछ हिस्सों में प्रशिक्षित हुए और लड़े हैं। उन्होंने कहा, हम पहली सरकार हैं जिसने उग्रवादी समूहों को निरस्त्र करना शुरू किया है। यह पहली बार हो रहा है। हमने उनके संस्थानों, उनके संस्थानों पर कब्जा कर लिया है। हमारे पास वहां के प्रशासक हैं।

पाकिस्तान में सक्रिय थे 40 आतंकी संगठन
अमेरिका में ही एक अलग कार्यक्रम के दौरान, पाकिस्तानी पीएम ने यह भी कहा कि, 40 अलग-अलग आतंकवादी समूह पाकिस्तान की सीमाओं के भीतर काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि, पिछली सरकारें नियंत्रण में नहीं थीं और उन्होंने अमेरिका को इसके बारे में नहीं बताया।

इमरान खान ने कैपिटल हिल में अमेरिकी सांसदों को बताया, हम आतंक पर अमेरिकी युद्ध लड़ रहे थे। पाकिस्तान का 9/11 से कोई लेना-देना नहीं है। अल-कायदा अफगानिस्तान में था। पाकिस्तान में कोई आतंकवादी तालिबान नहीं थे। लेकिन हम अमेरिकी युद्ध में शामिल हो गए। दुर्भाग्य से, जब चीजें गलत हुईं, जहां मैं अपनी सरकार को दोषी ठहराता हूं, हमने अमेरिका को सच्चाई नहीं बताई। इसकी वजह यह थी कि हमारी सरकारें नियंत्रण में नहीं थीं। पाकिस्तान के भीतर 40 अलग-अलग आतंकवादी समूह चल रहे थे।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान ऐसे दौर से गुजरा, जहां हमारे जैसे लोग चिंतित थे कि क्या हम इसे बचा सकते हैं। इसलिए जब अमेरिका हमसे और अधिक करने और अमेरिका को युद्ध जीतने में मदद करने की उम्मीद करता है, उस समय पाकिस्तान अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा था।

'जैश ने ही किया था पुलवामा हमला' 
इमरान ने माना है कि पुलवामा हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद ही जिम्मेदार है। इमरान ने कहा, पुलवामा में पिछले साल फरवरी में जो कुछ हुआ वो भारत का अपना मामला था। जिस ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली थी, इसलिए पाकिस्तान का नाम सुर्खियों में आया। जबकि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान के साथ भारत में भी सक्रिय है। इमरान से ये भी कहा, जब ये सब हुआ, उसके पहले ही हमने फैसला कर लिया था, हम पाकिस्तान में सभी आतंकी संगठनों को खत्म करेंगे, क्योंकि ये पाकिस्तान के हित में है। मैं दोबारा कहता हूं, ये हमारे हित में है। देश को आतंकी संगठनों को खत्म करना होगा।
 

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