दैनिक भास्कर हिंदी: पीएम मोदी का बांग्लादेश दौरा, एयरपोर्ट पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर, वॉर मेमोरियल पहुंचकर 1971 के युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रंद्धांजलि दी

March 26th, 2021

हाईलाइट

  • पीएम मोदी का दो दिवसीय बांग्लादश दौरा
  • बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने किया स्वागत
  • बांग्लादेश की आजादी के 50 साल पूरे हो रहे हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय बांग्लादेश दौरा 26 मार्च यानि कि आज से है। कोरोना काल में ये पीएम की पहली विदेश यात्रा है। बांग्लादेश की आजादी के 50 साल पूरे हो रहे हैं, जश्न के इस मौके पर पीएम मोदी बतौर मुख्य अतिथि बांग्लादेश पहुंचे हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना खुद पीएम मोदी का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंची। शेख हसीना ने फूलों का गुलदस्ता देकर पीएम मोदी का स्वागत किया। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश दौरे पर अपने साथ कोरोना वायरस वैक्सीन की दस लाख डोज लेकर गए हैं। बांग्लादेश पहुंचने के बाद पीएम मोदी सबसे पहले ढाका के सावर में स्थित वॉर मेमोरियल पहुंचे। यहां उन्होंने 1971 के युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रंद्धांजलि दी। वॉर मेमोरियल के बाद उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की।

द्विपक्षीय रिश्तो की जड़ सींचने की होगी कोशिश
बांग्लादेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी द्विपक्षीय रिश्तो की जड़ सींचने की कोशिश करेंगे। उनके यात्रा कार्यक्रम में ओरकांडी के मतुआ मंदिर और सतखिरा के जसोरेश्वरी काली मंदिर जैसे धार्मिक स्थानों की यात्रा भी शामिल है। पीएम मोदी बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के स्वर्ण जयंती समारोह में शरीक होने के साथ-साथ बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के जन्मशती कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। 27 मार्च को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं से पहले पीएम मोदी सुबह के वक्त मंदिर दर्शन के लिए निकलेंगे।

डेली स्टार में पीएम मोदी का विशेष लेख
प्रधानमंत्री मोदी का बांग्लादेश के प्रमुख अखबार, डेली स्टार में एक विशेष लेख भी छपा है।  मोदी ने बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान को "बंगबंधु" कहते हुए देश के मौजूदा कद में उनके अद्वितीय योगदान के बारे में लिखा है। नरेंद्र मोदी ने लिखा, "बंगबंधु का जीवन संघर्ष की एक कहानी थी। उत्पीड़न और क्रूरता का सामना करते हुए, वे बेखौफ खड़े थे। बंगमाता शेख फाजिलतुन्नेस उनकी ताकत का स्रोत था। बता दें कि शेख मुजीबुर रहमान को बांग्लादेश में "राष्ट्रपिता" कहा जाता है। पहले राष्ट्रपति बनने के बाद, उन्होंने 17 अगस्त, 1971 से 15 अगस्त, 1975 तक उनकी हत्या तक बांग्लादेश के प्रधान मंत्री के रूप में काम किया।

पीएम मोदी के दौरे का विरोध
पीएम मोदी की यात्रा के खिलाफ ढाका विश्वविद्यालय के परिसर हिंसक प्रदर्शन हुए। इसमें कम से कम 14 लोग घायल हो गए। घायलों में दो पत्रकार और सरकार समर्थक बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) के दो कार्यकर्ता शामिल हैं। दरअसल, प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एलायंस के बैनर तले वामपंथी छात्र संगठन पीएम मोदी के दौरे के विरोध में परिसर के वीसी चत्तर इलाके में प्रदर्शन कर रहे थे। इनका आरोप है कि सत्तारूढ़ पार्टी की छात्र शाखा बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) के कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुवार शाम को करीब आठ बजे प्रदर्शनकारियों पर हमला किया गया। सभी 14 घायलों का ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

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