comScore

एफएटीएफ में कुछ देशों का पाकिस्तान के खिलाफ राजनैतिक एजेंडा : चीन

October 29th, 2019 18:30 IST
 एफएटीएफ में कुछ देशों का पाकिस्तान के खिलाफ राजनैतिक एजेंडा : चीन

हाईलाइट

  • एफएटीएफ में कुछ देशों का पाकिस्तान के खिलाफ राजनैतिक एजेंडा : चीन

बीजिंग, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। आतंक वित्तपोषण और धनशोधन के मामले में पाकिस्तान के संदिग्ध चरित्र के बावजूद उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की काली सूची में जाने से बचाने वाले चीन ने एक बार फिर खुलकर पाकिस्तान के पक्ष में दलीलें दी हैं। चीन का मानना है कि कुछ देश एफएटीएफ में पाकिस्तान के खिलाफ अपने राजनैतिक एजेंडे के तहत उसके विरोधी बने हुए हैं।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि चीन के विदेश विभाग में एशियाई मामलों की नीति निर्माता शाखा के उप महानिदेशक याओ वेन ने पाकिस्तानी संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही।

रिपोर्ट के मुताबिक, येन ने कहा कि कुछ देश अपने राजनैतिक एजेंडे के तहत पाकिस्तान को काली सूची में डालने की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, चीन नहीं चाहता कि कोई भी देश एफएटीएफ का राजनीतिकरण करे। कुछ देश हैं जो चाहते हैं कि पाकिस्तान को काली सूची में डाल दिया जाए। हमारा मानना है कि उनकी अपनी राजनैतिक योजनाएं हैं। यह वह बात है, चीन जिसके खिलाफ है। चीन न्याय के पक्ष में है।

वेन ने कहा कि चीन, पाकिस्तान के साथ है और उसने पाकिस्तान को काली सूची में नहीं जाने दिया। इस संदर्भ में स्पष्ट रूप से भारत का नाम लेते हुए उन्होंने कहा, हमने अमेरिका और भारत को साफ कर दिया कि हम ऐसा नहीं कर सकते। ऐसा करना एफएटीएफ के उद्देश्य के दायरे से बाहर जाना है।

उन्होंने कहा कि एफएटीएफ किसी देश को काली सूची में डालने के लिए नहीं बल्कि आतंक वित्तपोषण के खिलाफ कार्रवाई में उसकी मदद करने के लिए है। पाकिस्तान प्रभावी तरीके से अपनी राष्ट्रीय कार्ययोजना पर काम कर रहा है और चीन उसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। चीन इस मामले में हर तरह से उसकी मदद करेगा।

कमेंट करें
yQ8Yp
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।