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रेहम खान का एक और आरोप, समलैंगिक हैं इमरान खान

June 14th, 2018 14:23 IST
रेहम खान का एक और आरोप, समलैंगिक हैं इमरान खान

हाईलाइट

  • इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने उन पर समलैंगिक होने का आरोप लगाया।
  • रेहम ने कहा कि इमरान के एक्टर हमजा अली अब्बासी और मुराद सईद से संबंध थे।
  • रेहम ने वसीम अकरम पर भी अपनी सेक्सुअल फैंटसीज को पूरा करने का आरोप लगाया है।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान को लेकर उनकी पूर्व पत्नी रेहम खान ने कुछ और खुलासे किए हैं। रेहम खान ने इमरान पर समलैंगिक होने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी किताब में दावा किया है कि इमरान समलैंगिक हैं और उनके अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कई सदस्यों से संबंध हैं। इससे पहले उन्होंने इमरान पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

रेहम ने किताब में खुलासा किया है कि इमरान, पाकिस्तानी एक्टर हमजा अली अब्बासी और पीटीआई सदस्य मुराद सईद समलैंगिक हैं और इनके रिश्ते थे। अभी तक इस पर इमरान और हमजा ने कुछ नहीं कहा है लेकिन, सईद ने ट्विटर के जरिए इन आरोपों को खारिज किया है। सईद ने ट्वीट किया, 'जो कुछ भी गंदा उन्होंने मेरे बारे में या किसी के बारे में लिखा है और रेहम आरोपों के बारे में मेरे पास कुछ भी कहने को नहीं है। यह साफ है कि वह किसके हाथों का मोहरा हैं।' 

रेहम ने इससे पहले इमरान खान पर शादी से पहले ही यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। रेहम के मुताबिक, जह वह इमरान से दूसरी बार मिली थीं और वॉक के लिए गई थीं तब इमरान ने उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि मैं उस समय डर गई और सोचने लगी कि आखिर मैं यहां क्यों आई। मैंने इमरान को धक्का दिया। इसके बाद इमरान ने कहा कि मैं जानता हूं तुम वैसी लड़की नहीं हो और इसीलिए तुमसे शादी करना चाहता हूं।  



बता दें कि रेहम तबसे विवादों में हैं जबसे उनकी किताब का कुछ हिस्सा ऑनलाइन लीक हुआ है। रेहम ने पाकिस्तानी क्रिकेटर वसीम अकरम पर भी अपनी सेक्सुअल फैंटसीज को पूरा करने के लिए उनकी पत्नी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। रेहम के मुताबिक, वसीम ने अपने सामने अपनी पत्नी को एक अश्वेत आदमी के साथ सेक्स करने को मजबूर किया। वहीं सईद ने इस सभी आरोपों को बेकार बताया है।

इमरान खान ने रेहम खान से जनवरी 2015 में दूसरी शादी की थी और अक्टूबर 2015 में ही इनका तलाक हो गया था। इसके बाद इमरान ने बुशरा मानेका से तीसरी शादी की है। इमरान की पहली वाइफ ब्रिटिश महिला जेमिमा गोल्डस्मिथ थी। 9 साल के रिश्ते के बाद 1995 में इनका तलाक हो गया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।