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पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने कंटेनर को बनाया आशियाना

November 04th, 2019 18:01 IST
 पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने कंटेनर को बनाया आशियाना

हाईलाइट

  • पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने कंटेनर को बनाया आशियाना

इस्लामाबाद, 4 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की राष्ट्रीय राजधानी के सेक्टर एच-9 में तीसरी रात बिताने के बाद जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर आजादी मार्च के प्रदर्शकारियों और सहयोगी दलों को यह स्थान अब घर जैसा महसूस होने लगा है।

इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी एडमिनिस्ट्रेशन (आईसीटीए) ने उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से रास्त रोकने के लिए कंटेनरों को रखा था, प्रदर्शनकारी जिनका उपयोग रहने के लिए कर रहे हैं।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, मौसम का मिजाज इस्लामाबाद में कुछ बदला है और चूंकि मार्च में शामिल सभी प्रदर्शनकारी अपने तंबू लेकर नहीं आए हैं, ऐसी परिस्थिति में उन्होंने ठंड से बचने और रहने के लिए इन कंटेनरों को अपना आशियाना बना लिया है।

आगे क्या करना है, इस पर पेशावर मोर के पास मोर्चा संभाले हुए प्रदर्शनकारियों को नेतृत्व के संकेतों का इंतजार है। प्रतीक्षा कर रहे ये लोग उन कंटेनरों के अंदर सो रहे हैं, जिन्हें उनको पकड़कर बंद करने के लिए लाया गया था।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा कि बैरिकेड्स हटाने या शिकायत करने में समय बर्बाद करने के बजाय, उन्होंने कंटेनरों की शरण में रहना ही स्वीकार कर लिया है। मुख्य कंटेनरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अंसारुल इस्लाम के वॉलंटियर्स द्वारा की जा रही है।

विरोध स्थल के पास विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं, जहां बाजार मूल्य पर वस्तुएं उपलब्ध हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा भोजन, पेय, फलों की चाट, दही भल्ले, और चाय के स्टॉल यहां पर लगाए गए हैं। इसके अलावा सूखे मेवे और पानी की बोतलें भी बेची जा रही हैं।

समाचार पत्र के अनुसार, मार्च में शामिल लोगों को अपने कपड़े धोते और आस-पास की मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए जाते हुए भी देखा जा सकता है।

विरोध स्थल के पास बिजली की कोई सुविधा नहीं है, ऐसी में प्रदर्शनकारियों को अपने प्रियजनों और यहां तक कि एक दूसरे से संपर्क रखने में परेशानी हुई।

लेकिन ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए कुछ प्रदर्शनकारी अपने साथ सौर पैनल लाए हुए हैं, जिससे वे अपने मोबाइल और अन्य उपकरणों को चार्ज कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की राजधानी में हजारों प्रदर्शनकारियों की भीड़ इन दिनों आजादी मार्च का गवाह बनी हुई है। मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान के इस्तीफे, देश में दोबारा चुनाव और एनआरओ (नेशनल रेकन्सिलिएशन ऑर्डिनेंस) पर अड़े हुए हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।