दैनिक भास्कर हिंदी: सऊदी अरब: खशोगी हत्या मामले में 5 को मौत की सजा, तीन को 24 साल की जेल

December 23rd, 2019

हाईलाइट

  • जमाल खशोगी की हत्या के लिए पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई
  • तीन अन्य को 24 साल जेल की सजा सुनाई गई है
  • तीन लोगों को दोषी नहीं पाए जाने के बाद रिहा कर दिया गया

डिजिटल डेस्क, रियाद। सऊदी अरब की एक अदालत ने सोमवार को वाशिंगटन पोस्ट के जर्नलिस्ट जमाल खशोगी की हत्या के लिए पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई। जबकि तीन अन्य को 24 साल जेल की सजा सुनाई गई है। तीन लोगों को दोषी नहीं पाए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। खशोगी की पिछले साल इस्तांबुल में सऊदी एजेंटों की टीम ने हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद दुनियाभर में सऊदी के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे।

सऊदी अरब के राज्य संचालित अल-एखबारिया टीवी चैनल के मुताबिक रियाद अदालत ने खशोगी मामले में नौ सत्र आयोजित किए और दसवें सत्र में फैसला जारी किया गया। ये ट्रायल पूरी गोपनीयता के साथ किया गया। हालांकि कुछ राजनयिकों को तुर्की से, साथ ही खशोगी के परिवार के सदस्यों को सत्र में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। खशोगी की हत्या के मामले में कुल 11 लोगों पर मुकदमा चलाया गया। ट्रायल के बाद सऊदी डिप्टी जनरल प्रॉसिक्यूटर शाला अल-शालान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हमने पाया कि खशोगी की हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी।'

सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने कहा कि सरकारी अभियोजन आपराधिक अदालत के फैसले की समीक्षा करेगा और यह तय करेगा कि वह अपीलीय अदालत में अपील दायर करेगा या नहीं। अभियोजन पक्ष के एक बयान में कहा गया है कि जांच में 31 व्यक्तियों को शामिल किया गया था, जिनमें से 21 को गिरफ्तार किया गया था और 10 को बिना गिरफ्तारी के पूछताछ के लिए बुलाया गया था। दोषी पाए गए लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

बता दें कि अमेरिका के वॉशिंगटन पोस्ट में कॉलमिस्ट जमाल खशोगी क्राउन प्रिंस के आलोचक थे। आखिरी बार वह 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास के अंदर जाते हुए देखे गए थे। वह शादी के लिए जरूरी दस्तावेज लेने के लिए दूतावास में गए थे। बाद में खुलासा हुआ कि दूतावास में ही उनकी हत्या कर दी गई। सउदी ने भी इस बात को कबूल कर लिया था कि दूतावास में ही खशोगी की हत्या हुई है। हालांकि किंग मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि उन्हें खशोगी की हत्या के बारे में जानकारी नहीं थी।

जमाल खशोगी की हत्या की जिम्मेदारी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ली थी। पब्लिक ब्रोडकास्टिंग सर्विसेज की एक डॉक्यूमेंट्री में सऊदी क्राउन प्रिंस ने ये जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना था कि प्रिंस सलमान का यह बयान आपराधिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी छवि बनाए रखना चाहते हैं।