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US Election: अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बनेंगे 77 साल के बाइडेन, पेन्सिलवेनिया जीतकर ट्रम्प से जीत छीनी

US Election: अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बनेंगे 77 साल के बाइडेन, पेन्सिलवेनिया जीतकर ट्रम्प से जीत छीनी

हाईलाइट

  • 4 दिन चली काउंटिंग के बाद बाइडेन के नाम पर मुहर लगी
  • जोसेफ आर बाइडन जूनियर होंगे अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका में 46वें राष्ट्रपति के चयन के लिए हुए चुनाव का परिणाम आ गया है। जो बाइडन यानी जोसेफ आर बाइडन जूनियर संयुक्त राज्य अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 214 वोट मिले। इसके साथ ही 3 नवंबर को चुनाव के बाद शुरू हुई गहमागहमी समाप्त हो गई। 77 साल के बिडेन अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। NYT के मुताबिक, पेन्सिलवेनिया में जीत के साथ ही उन्होंने बहुमत के लिए जरूरी इलेक्टोरल वोट जुटा लिए। हालांकि, अभी 5 राज्यों में काउंटिंग जारी है।  

एरिजोना और नेवादा में बाइडेन के पास 20 हजार से ज्यादा वोट की बढ़त है। जॉर्जिया में वे 7 हजार से ज्यादा वोट से आगे हैं। वहीं, नॉर्थ कैरोलिना और अलास्का में ट्रम्प आगे चल रहे हैं। बाइडेन के पास 273 इलेक्टोरल वोट हो चुके हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए 270 का आंकड़ा चाहिए।

4 दिन चली काउंटिंग के बाद बाइडेन के नाम पर मुहर लगी
3 नवंबर को वोटिंग के बाद से नतीजों साफ नहीं हो रहे थे। 4 दिन चली काउंटिंग के बाद बाइडेन के नाम पर मुहर लगी। तस्वीर साफ होने से कुछ देर पहले तक रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप दोहराते रहे। उन्होंने कहा कि काउंटिंग रूम्स के अंदर बुरी बातें हुईं हैं। कड़ी टक्कर वाले पेन्सिलवेनिया राज्य में गलत तरीके से हजारों वोट शामिल किए गए।

PM मोदी ने जो बाइडेन-कमला हैरिस को दी जीत की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन को जीत की बधाई दी है। साथ ही भारतीय मूल की कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने पर उन्हें भी शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई है कि बाइडेन-हैरिस प्रशासन के साथ भारत-अमेरिका के संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे। 

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनने जा रहे जो बाइडेन को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, 'आपकी शानदार जीत के लिए शुभकामनाएं। बतौर उपराष्ट्रपति भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर दिया गया आपका योगदान सराहनीय रहा। मुझे एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में आपके साथ काम करने में खुशी होगी।'

'आपकी चिट्टियों ही नहीं, सारे भारतीय-अमेरिकियों के लिए गर्व का पल'
इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में उन्होंने भारतीय मूल की कमला हैरिस को भी उपराष्ट्रपति बनने की बधाई दी है। पीएम मोदी ने लिखा, 'आपकी सफलता प्रेरणा देने वाली है। यह न सिर्फ आपकी चिट्टियों (तमिल में- मौसियों) के लिए, बल्कि सभी भारतीय-अमेरिकियों के लिए गर्व का क्षण है। मुझे उम्मीद है कि भारत-अमेरिका संबंध आपके नेतृत्व और सहयोग से नई ऊंचाइयों को छुएंगे।'

बाइडेन की सुरक्षा बढ़ी
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (FBI) के अफसरों ने देर रात बाइडेन से बातचीत की। इस दौरान उनके सलाहकार भी मौजूद थे। अब बाइडेन और उनके परिवार की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। व्हाइट हाउस और डेलावेयर में बाइडेन के घर के बाहर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के एजेंट्स मौजूद हैं। नेशनल गार्ड्स की एक टीम भी बाइडेन की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि बाइडेन के बाद कमला हैरिस और उनके दो सलाहकारों जैक सुलिवान और स्टीव रिचेटी की सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी।

इस चुनाव में साल 1900 के बाद सबसे अधिक वोट पड़े
जीत के बाद बाइडन ने ट्वीट कर कहा कि आपने मुझे अमेरिका जैसे महान देश का नेतृत्व करने के लिए चुना है, इसके लिए मैं आभारी हूं। आगे का काम कठिन होगा, लेकिन मैं आपसे यह वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों के लिए राष्ट्रपति बनूंगा, चाहे आपने मुझे वोट दिया या नहीं। उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में साल 1900 के बाद सबसे अधिक वोट पड़े हैं। एक आंकड़े के अनुसार इस चुनाव में बाइडन को जितने वोट मिले हैं (सात करोड़ से ज्यादा), उतने किसी भी राष्ट्रपति को नहीं मिले। 

जीत के लिए बोले बाइडेन- हमारी राजनीति का मकसद राष्ट्र के लिए काम करना है 
हमें याद रखना है कि हमारी राजनीति बेदर्द और खत्म न होने वाली लड़ाई नहीं है। हमारी राजनीति का मकसद राष्ट्र के लिए काम करना है। टकराव को भड़काना नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान करना है। न्याय की गारंटी देना है। सबको समान अधिकार देने हैं। हमारे लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। हम प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं लेकिन, हम दुश्मन नहीं हैं। हम अमेरिकी हैं।

सबसे युवा सीनेटर, सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति
अमेरिका के उपराष्ट्रपति भी रहे बाइडन अमेरिकी इतिहास में सबसे युवा सीनेटरों में से एक रहे हैं। वहीं, 77 साल के बाइडन अब अमेरिकी इतिहास के सबसे अधिक आयु वाले राष्ट्रपति भी बन गए हैं। बाइडन का जन्म 20 नवंबर 1942 को पेंसिल्वेनिया के स्क्रैंटन में हुआ था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2009 से 2017 तक अमेरिका के 47वें उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा दी थी।

कमला हैरिस ने बनाया इतिहास
अमेरिका के इस ऐतिहासिक चुनाव में भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला हैरिस ने भी इतिहास रच दिया है। हैरिस को जो बाइडन ने अपना रनिंग मेट यानी उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया था। इस जीत के साथ ही हैरिस पहली ऐसी महिला बन गई हैं जो अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होंगी। इसके साथ ही वह पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति होंगी।

काम नहीं आए डोनाल्ड ट्रंप के 'टोटके'
डोनाल्ड ट्रंप ने मतगणना की धांधली को लेकर आरोप लगाए थे। एक बार तो उन्होंने मतगणना जारी रहने के दौरान ही चुनाव जीतने की बात कह दी थी। जिसके बाद कई हस्तियों ने उनकी आलोचना की थी। ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हम इस चुनाव को जीतने जा रहे हैं, सही कहूं तो हम यह चुनाव जीत गए हैं। ट्रंप ने यह बयान तब दिया था जब लाखों मतों की गणना बाकी थी। इस चुनाव को अमेरिकी इतिहास का सर्वाधिक विभाजक और कटु चुनावों में से एक बताया गया है।

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

एक दशक से अधिक की अवधि के लिए IT industry में काम करने के बाद, रोहित मेहता ने खुद को एक ऐसे tech blogger के रूप में प्रतिष्ठित किया है जो अपने पाठकों के साथ ऐसी तकनीकी ज्ञान को साझा करता है जो उन्हें बेहतर बेहतर बनने में मदद करती है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में अपनी किताब को करने वाले रोहित ने ये साबित कर दिया है की डिजिटल मार्केटिंग केवल अंग्रेजी जानने वालों के लिए नहीं है। हिंदी में भी पढ़ कर आप इसे सिख सकते है ओर अपना करियर बन सकते है। इनकी सबसे अधिक लोकप्रिये बुक '15 Proven Secrets of Internet Traffic Mastery' है, जिसमे अपने अनलाईन बिजनस या ब्लॉग पर ट्राफिक (पाठक) लाने के 15 बेहतरीन तरीके बताए है।

आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

रोहित मेहता के प्रमुख योगदान

आज दूरदर्शी रोहित मेहता ने डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉगिंग, एफिलिएट, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग मे अनेकों गाइड्स और सुझावों इत्यादि अपने पाठकों के डिजिटल गब्बर पे बिल्कुल मुफ़्त में साझा करते है।

साथ ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए नए उधमियों को मुफ़्त मे सलाह भी साझा करते है। @bloggermehta से आप इन्हे फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम,ट्विटर इत्यादि पे संपर्क कर सकते है।

गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

https://www.digitalgabbar.com/ और https://www.digitalgabbar.in/ क्रमशः रोहित के इंग्लिश और हिंदी के ब्लॉग है।

साथ ही साथ रोहित मेहता ने अपने जैसे युवाओ और start-up को बढ़ावा देने के लिए Indian Gabbar के नाम से एक साइट शुरू किया है। Digital Gabbar सभी उधमी और startup को Indian gabbar के रूप में संबोधित करते हुए उनकी आर्टिकल को बिल्कुल मुफ़्त में साझा कर रहा है।

कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्थान आपनी कहानी प्रकाशित करने के लिए Indian Gabbar से संपर्क करें। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।