दैनिक भास्कर हिंदी: वेनेजुएला : जेल में दंगों के दौरान लगी आग, 68 कैदियों की मौत

March 29th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला की एक जेल में कैदियों के बीच हुए दंगे के दौरान आग लग गई, जिसमें कम से कम 68 कैदियों की मौत हो गई है। वेनेजुएला के अटॉर्नी जनरल तारिक विलियन साब ने इस बात की जानकारी दी। ये घटना वेनेजुएला के उत्तरी शहर वैलेंसिया में बनी काराबोबो जेल में हुई। इस घटना के बारे में पता तब चला, जब मारे गए कैदियों के परिजनों ने जेल के बाहर प्रदर्शन किया।

 



क्या है पूरा मामला? 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला की इस जेल में कुछ कैदियों के बीच हाथापाई हुई थी। हाथापाई इतनी आगे बढ़ गई कि फिर इसने दंगे का रूप ले लिया। कैदियों के बीच दंगों के बीच कुछ कैदियों ने मौके का फायदा उठाकर जेल से भागने की कोशिश की। जेल में बिगड़ते हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने उन पर फायरिंग कर दी। इसी दौरान जेल में आग लग गई, जिसमें दो महिलाओं समेत कम से कम 68 लोग मारे गए। हालांकि आग कैसे लगी, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।

अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?

इस घटना के बाद वेनेजुएला के अटॉर्नी जनरल तारिक विलियम साब ने इस हादसे में 68 कैदियों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 'इस पूरे मामले की जांच के लिए 4 लोगों की एक कमेटी बना गई है।' उन्होंने बताया कि 'काराबोबो पुलिस स्टेशन के नजदीक बने इस जेल में सिर्फ 60 कैदियों को रखने की ही क्षमता था, लेकिन उसके बावजूद यहां क्षमता से ज्यादा कैदी रखे गए।'

 



मारे जाने की खबर बुधवार को दी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे कैदियों के परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम तक पुलिस ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी और टियर गैस (आंसू गैस) का इस्तेमाल कर उन्हें वहां से हटा दिया गया है। विरोध प्रदर्शन बढ़ने के बाद पुलिस ने इस बात की जानकारी दी। कैदियों के परिजनों ने इस मामले में इंसाफ की मांग की है।

16 सालों में 6,500 से ज्यादा कैदी मारे गए : रिपोर्ट

एक रिसर्च ऑर्गनाइजेशन 'इनसाइट क्राइम' ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें 2015 तक के आंकड़े जारी किए गए थे। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि 'जेलों में सिर्फ 19,000 कैदियों को रखने की जगह थी, लेकिन 49,644 लोगों को जेल में कैद करके रखा गया था। वहीं 5,000 कैदियों के लिए एक टेंपररी जेल बनाई गई थी, जिसमें 33,000 लोगों को रखा गया था।' इस रिपोर्ट में बताया गया था कि 'जेलों में पुलिस कैदियों के जीवन को कंट्रोल रखती है, जिस वजह से कई कैदी मारे जाते हैं। 1999-2015 के बीच 16 सालों में 6,600 से ज्यादा कैदी जेल में मारे गए थे।