comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नासा की महिला एस्ट्रोनॉट्स ने रचा इतिहास, पहली बार मेल क्रूमेट के बिना स्पेसवॉक

नासा की महिला एस्ट्रोनॉट्स ने रचा इतिहास, पहली बार मेल क्रूमेट के बिना स्पेसवॉक

हाईलाइट

  • दुनिया की पहली महिला स्पेसवॉकिंग टीम ने शुक्रवार को धरती के ऊपर इतिहास बना दिया
  • क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर ने मेल क्रूमेट के बिना स्पेसवॉक किया
  • महिला एस्ट्रोनॉट पावर नेटवर्क के टूटे हुए हिस्से को ठीक करने ISS से बाहर निकली

डिजिटल डेस्क, केप केनवेरल। दुनिया की पहली महिला स्पेसवॉकिंग टीम ने शुक्रवार को धरती के ऊपर इतिहास बना दिया। क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर पावर नेटवर्क के खराब हुए हिस्से को ठीक करने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से बाहर निकली। बता दें कि इतिहास में ऐसा पहले बार हुआ है कि मेल क्रूमेट के बिना महिला एस्ट्रोनॉट की टीम ने स्पेस वॉक किया हो। भारतीय समयानुसार शुक्रवार शाम करीब 4 बजे ये स्पेसवॉक शुरू हुई।

नासा एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्रिडेनस्टाइन ने वाशिंगटन में नासा हेडक्वार्टर से इस पूरे ईवेंट को देखा। उन्होंने कहा, 'हमारे पास सही समय पर सही काम करने वाले सही लोग हैं। वे मेरे और दुनिया भर के लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं और हम इस मिशन को पूरा करने के बाद बहुत उत्साहित हैं।' तीन बार स्पेसवॉक करने वाली ट्रेसी कैल्डवेल डायसन ने कहा: 'उम्मीद है, यह अब सामान्य माना जाएगा।'

नासा पिछले वसंत में ऑल फिमेल स्पेसवॉक को कंडक्ट करना चाहती थी, लेकिन उसके पास पर्याप्त मीडियम साइज सूट नहीं थे। कोच और मीर अगले हफ्ते स्पेसवॉक कर नई बैटरी स्थापित करने वाले थे, लेकिन वीकेंड पर इक्विपमेंट फेल्योर होने की वजह से तीन दिन पहले ही उन्हें इसे रिपेयर करने के लिए स्पेसवॉक करना पड़ा। दरअसल पिछले सप्ताह स्थापित की गई तीन नई बैटरी में से एक के लिए एक पुराने बैटरी चार्जर को बदलना पड़ रहा है।

जैसे ही मीर, स्पेसवॉक के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के हैच से बाहर निकली वह स्पेसवॉक करने वाली दुनिया की 22 वीं और 15 वीं महिला बनी गई हैं। कोच ने चौथी बार स्पेसवॉक की। वे 11 महीने के मिशन पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हैं। उन्हें इस मिशन पर सात महीने हो चुके हैं। ये मिशन किसी भी महिला एस्ट्रोनॉट के लिए सबसे लंबा है।

स्पेस स्टेशन में मौजूद एस्ट्रोनॉट में से किसी भी दो को स्पेसवॉक के लिए चुना जा सकता था। इन सभी को समान प्रशिक्षण मिला है, लेकिन नासा ने कोच और मीर को इस मिशन के लिए चुना। कोच और मीर जैसे ही हैच से बाहर निकली अंदर मौजूद मॉर्गन ने कहा, 'हम आप पर बहुत गर्व करते हैं। आप आज बहुत अच्छा करने जा रहे हैं।'

कमेंट करें
6xtzD
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।