अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट से लगा झटका, ग्वाटेमाला के प्रवासी बच्चों को वापस भेजने पर लगाई रोक

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट से लगा झटका, ग्वाटेमाला के प्रवासी बच्चों को वापस भेजने पर लगाई रोक
  • ट्रंप प्रशासन ने किया था बच्चों को माता-पिता से मिलाने का दावा
  • कोर्ट में बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने सौंपी रिपोर्ट
  • कोर्ट ने पहले भी दिया था अस्थायी आदेश

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट से झटका लगा है। अमेरिकी संघीय कोर्ट के जिला जज टिमोथी जे केली ने एक अहम फैसला सुनाते हुए ट्रंप सरकार को ग्वाटेमाला के प्रवासी बच्चों को तत्काल उनके देश वापस भेजने पर रोक लगा दी है। ये बच्चे अकेले अमेरिका आए थे। ट्रंप की इमिग्रेशन नीति को लेकर कानूनी विवाद में यह एक नया मोड़ है।

बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एक संस्था ने कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि जिन बच्चों को वापस भेजा जा रहा था, उनमें से कई पहले से ही बाल शोषण, गिरोह हिंसा और मानव तस्करी जैसी गंभीर परिस्थितियों का शिकार रहे हैं। जज केली ने इसका जिक्र अपने फैसले में भी किया। सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकती है।

आपको बता दें यह मामला उस समय सामने आया, जब ट्रंप प्रशासन ने श्रमिक दिवस की छुट्टियों के दौरान ग्वाटेमाला के उन बच्चों को निर्वासित करने की कोशिश की, जो सरकारी आश्रयों और फोस्टर केयर यानी अस्थायी देखभाल की व्यवस्था में रह रहे थे। बच्चों की वापसी को लेकर ट्रंप सरकार का कहना था कि बच्चों को उनके माता-पिता से मिलाने के लिए वापस भेज रहा है। उनके माता पिता ऐसा चाहते है।

गृह सुरक्षा विभाग (होमलैंड सिक्योरिटी) की सहायक सचिव ट्रिशा मैकलॉघलिन ने ट्रंप प्रशासन की नीति का समर्थन किया, लेकिन जज ने नहीं मानी। उनका ये भी कहा, जज उन प्रयासों पर रोक लगा रहे हैं, जिनसे बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया जा सकता था। अब इन बच्चों को सरकारी आश्रय वाले ठिकानों में रहना होगा। उन्होंने जज के फैसले को लेकर आगे कहा यह ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश है। यह शर्मनाक और अनैतिक है।

ट्रंप प्रशासन के इस दावा पर जज केली ने कहा कि यह दलील एक हफ्ते में झूठी साबित हो गई। कोर्ट के सामने ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया, जिससे ये प्रूफ हो सकें कि बच्चों के माता-पिता चाहते थे कि उन्हें वापस भेजा जाए।

Created On :   19 Sept 2025 10:24 AM IST

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