Year Ender 2025: कभी दो देश तो कभी मुल्क के भीतर ही छिड़ा संघर्ष, नेपाल में सड़क पर आए Gen Z, थाइलैंड-कंबोडिया में हुई जंग, भारत भी युद्ध पर हुआ मजबूर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2025 खत्म होने में कुछ ही घंटों का समय बचा हुआ है। इस साल दुनिया के कई बड़े संघर्ष देखने को मिले हैं। हमले इतने भयानक हुए कि कई बड़ी-बड़ी बिल्डिंग ध्वस्त हो गई तो कई लोग दुनिया को अलविदा कहकर चले गए और उनके परिवार रोते बिलखते रह गए हैं। वहीं, तबाही का मंजर इतना भयावह थे कि उनका जिक्र करना मतलब आंखों से आंसू निकल पड़ेंगे। चलिए जानते हैं 2025 गुजरते गुजरते किस मुल्क पर जंग के निशान छोड़ गया।
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ईरान-इजरायल के बीच संघर्ष
इस साल इजरायइल और ईरान के बीच सबसे बड़ा संघर्ष नजर आया था। इस युद्ध से दुनिया की तीसरी जंग की आहट भी सुनाई देने लगी थी। दोनों देश एक-दूसरे के बड़े विरोधी रहे है और इनके बीच लंबे समय से जंग जारी है, लेकिन इस साल दोनों देशों की दुश्मनी सीधे जंग में बदलती हुई नजर आई। इजरायल को आशंका थी कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की तरफ बढ़ रहा है। इसी के चलते उसने ईरान के कुछ सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके जवाब में इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया।
इन हमलों में किस पर हुआ असर?
इन हमलों के चलते कई शहरों में डर और तबाही का माहौल देखने को मिला। इनता ही नहीं, इससे तेल की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला। इस संघर्ष से हुए तनाव को कम करने के लिए अमेरिका और अन्य देशों ने हस्तक्षेप किया। हालांकि इसके कुछ दिनों बाद तक अस्थायी रूप से लड़ाई थम गई थी, लेकिन अभी भी मध्य पूर्व की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
भारत-पाकिस्तान तनाव
पाकिस्तान के तीन आतंकियों ने 22 अप्रैल, 2025 को, भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पाकिस्तान में चलाया था, इस दौरान पाकिस्तान में बने कई आतंकी ठिकानें और आतंकवादी मारे गए थे। भारत हमेशा आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। इसी के तहत वह बड़ी कार्रवाइयां करता है।
भारत ने यह ऑपरेशन चार दिनों तक चलाया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच यह संघर्ष एक अपने खतरनाक मोड़ में पहुंच गया था। सीमा पर भारी तनाव देखने को मिला था। जिस पर दुनिया की नजरें भी टिकी हुई थी। हालांकि, चार दिन के बाद दोनों देशों के आपसी बातचीत में कम हो गया।
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थाईलैंड-कंबोडिया के बीच संघर्ष
दुनिया की नजरें बड़े देशों के संघर्ष पर टिकी थी। इस दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में एक पुराने विवाद की वजह से थाईलैंड और कंबोडिया के बीच झड़पें देखने को मिली थी। दोनों देशों को बीच यह विवाद लंबे समय का है और इसी को लेकर दोनों सेनाएं सीमा पर आपस में भिड़ गई थी। इस दौरान गोलीबारी, बमबारी भी हुई थी, जिस वजह से सीमा पर रहने वाले लोगों को मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा।
यह संघर्ष धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ा हुआ था। इस विवाद की वजह से लोगों को काफी नुकसान हुआ था। वहीं, क्षेत्रीय संगठन इस मामले को सुलझाने में लग गए थे। अगर वह मध्यस्था नहीं करते तो यह बड़े संघर्ष में तब्दील हो सकता था।
अफ्रीका में हुए कई दर्दनाक संघर्ष
इसी साल अफ्रीका के कई देशों में हिंसा और गृहयुद्ध हुए थे, जो अभी भी जारी है। इन संघर्षों को वैश्विक मीडिया में उतनी जगह नहीं मिली है, लेकिन वहां के स्थायी नागरिकों को रोजमर्रा की त्रासदी से जूझना पड़ रहा है। जिनमें से कुछ देशों में सरकार और सेना के बीच झड़पें देखने को मिली है। कहीं पर सत्ता, संसाधनों और जातीय की लड़ाई थी। जिसके चलते लाखों लोग शरणार्थी बने, चारों तरफ भुखमरी, बिमारी फैलना, जिसका असर महिला और बच्चों पर पड़ा है।
नेपाल में बड़े पैमाने पर 'Gen Z' विरोध प्रदर्शन
साल 2025 के सितंबर से नवंबर के बीच नेपाल में बड़े पैमाने पर 'जेन-Z' (युवाओं) ने विरोध प्रदर्शन किए थे। ये हिंसक घटनाएं देश में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और कथित राजनीतिक भ्रष्टाचार को लेकर किए गए थे। इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ भी की थी। जबकि ओली सरकार के कुछ मंत्रियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट गया। संसद भवन, सिंह दरबार समेत कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया था। हालांकि, ओली की सरकार गिरने के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार बनाई गई।
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