कोरोना का कहर: भारत में तेजी से फैल रहा है कोविड-19 का नया वेरिएंट, एक ही दिन में डबल हुए पॉजिटिव केस, जानिए डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा?

भारत में तेजी से फैल रहा है कोविड-19 का नया वेरिएंट, एक ही दिन में डबल हुए पॉजिटिव केस, जानिए डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा?
  • देश में 3,420 पहुंची कुल एक्टिव मरीजों की संख्या
  • दुनिया में पिछले एक महीने में 8.5 लाख नए केस
  • पिछले एक महीने में तीन हजार लोगों की मौत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना वायरस का नया वेरिएंट एक बार फिर से भारत में अपने पैर पसारता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में धीरे-धीरे बढ़ रहे कोविड पॉजिटिव मामलों में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले 24 घंटों में देश में कोविड-19 के 752 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यह पिछले सात महीनों में एक दिन के भीतर देश में सामने आए कोविड-19 के सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही देश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 3,420 तक पहुंच गई है। इस दौरान बीते दिन वायरस की वजह से चार लोगों की मौत भी हुई है।

देश भर में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक 4.50 करोड़ (4,50,07,964) कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटे में महामारी की वजह से केरल में दो, जबकि राजस्थान और कर्नाटक में एक-एक मरीज की मौत हुई है। इसके साथ ही अब कोरोना से मरने वाले मरीजों की कुल संख्या 5,33,332 पहुंच गई है। इस दौरान देश में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 98.81 है।

दुनिया में कहर मचा रहा है कोरोना

कोरोना भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के कई देशों को एक बार फिर से डरा रहा है। इसका कारण यह है कि पिछले एक महीने में पूरी दुनिया में कुल 8.5 लाख नए केस सामने आए हैं। इस दौरान तीन हजार लोग वायरस की चमेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। दुनिया भर में कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे ज्यादातर मरीज कोविड-19 के नए वेरिएंट JN.1 से संक्रमित हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में भी इस नए वैरिएंट के 22 मामले सामने आए हैं।

कितना खतरनाक है यह नया वेरिएंट

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने बताया कि JN.1 ओमीक्रॉन फैमिली का हिस्सा है। यह काफी तेजी से फैल रहा है और चिंताजनक हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विशेषज्ञों के पास अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि यह वेरिएंट बेहद ही खतरनाक है। जबकि डब्ल्यूएचओ के पूर्व चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि मुझे लगता है कि अभी हमें सामान्य उपाय करने होंगे, जिन्हें हम करते हुए आ रहे हैं। हम ओमिक्रॉन के बारे में जानते हैं और ये सब-वेरिएंट भी उसी का एक हिस्सा है।

Created On :   23 Dec 2023 7:24 AM GMT

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