US Iran Ceasefire: अमेरिका-ईरान सीजफायर का भारत ने किया स्वागत, मिडिल ईस्ट में स्थाई शांति की जताई उम्मीद

अमेरिका-ईरान सीजफायर का भारत ने किया स्वागत, मिडिल ईस्ट में स्थाई शांति की जताई उम्मीद
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान पर भारत का पहला बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में तीनों देशों के बीच युद्ध के सीजफायर के फैसले का स्वागत किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान पर भारत का पहला बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में तीनों देशों के बीच युद्ध के सीजफायर के फैसले का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने सीजफायर से मिडिल ईस्ट में स्थाई शांति स्थापित करने की उम्मीद जताई है। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट में सीजफायर का ऐलान किया था।

भारत ने अमेरिका-ईरान सीजफायर के फैसले का किया स्वागत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत तो शुरुआत से ही बातचीत के जरिए तनाव को खत्म करने की वकालत करता रहा है। बयान में कहा गया है, 'हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए जरूरी है कि तनाव कम किया जाए और शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी है।'

इस दौरान विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में एक महीन से अधिक चल रही मिडिल ईस्ट जंग पर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि जंग के चलते पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई और ट्रेड नेटवर्क बाधित हुए और आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एनर्जी सप्लाई और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।

भारत ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को लिए जारी की एडवाइजरी

सीजफायर के ऐलान के बाद भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। भारत ने अपने नागरिकों को ईरान में स्थित दूतावास के बताए रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया, '7 अप्रैल की एडवाइजरी के क्रम में और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वह दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर और दूतावास की ओर से सुझाए गए रास्तों का इस्तेमाल करके जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।'

भारतीय दूतावास ने आगे कहा, 'यह फिर से दोहराया जाता है कि दूतावास से पहले से सलाह और तालमेल किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय जमीनी सीमा तक पहुंचने की कोई कोशिश नहीं की जानी चाहिए।' एडवाइजरी में दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर भी शेयर किए हैं।

Created On :   8 April 2026 3:25 PM IST

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