संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा: इस बिल पर बहस के लिए केंद्र सरकार ने तय की तारीख, दोनों सदनों में इस तिथि को होगी विस्तार से चर्चा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि इस विधेयक पर सरकार दोनों सदनों में जल्द चर्चा करने वाले है। जिसके लिए बकायदा सरकार विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। जिसकी तारीख 16, 17 और 18 अप्रैल तय की गई है। इन तीन दिनों तक चलने वाले विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकारों और देश में आधी आबादी के योजदान को लेकर बहस होगी। बताया जा रहा है कि इसका मकसद देश के निर्वाचन क्षेत्र और पार्लियामेंट में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस वजह से महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
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हालांकि, सरकार ने निर्णय लेते हुए कहा कि बजट सेशन अनिश्चितकालीन तक स्थगित नहीं किया जाएगा। इस विधेयक पर चर्चा का मुख्य उद्धेश्य इसे लागू करने में आ रही मुश्किलों को दूर करना है। इसके साथ ही संशोधन बिल को पारित कराना है।
संसदीय कार्यमंत्री ने क्या?
इस विशेष सत्र को लेकर किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि संसद आज स्थगित हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के आरक्षण से जुड़े मामले के एक अहम कानून के लिए दो से तीन हफ्तों के बाद सदन फिर से चलेगा। इस दौरान जयराम रमेश ने विधायी कामकाज को लेकर सवाल उठाया। इस पर उनका कहना है कि सरकार ने इस मामले को लेकर 80 फीसदी से ज्यादा पार्टियों से विचार-विमर्श किया है।
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सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
केंद्रीय ससंदीय मंत्री ने बताया कि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार को लेटर लिखा है, जिसमें बताया गया कि विधानसभा के चुनाव समाप्त होने के बाद संसद बुलाने की मांग की है। उन्होंने आगे बताया कि मौजूदा मनमाने ढंग से कार्य नहीं कर ही है, बल्कि सभी राजनीतिक पार्टियों के सांसदों से सलाह ली जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं का आरक्षण मुद्दा ऐसा है, जिसे संसद में सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी, ताकि सभी पार्टियां अपने विचार रख सकें।
Created On :   2 April 2026 11:01 PM IST












