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दिल्ली : तुगलकाबाद गांव में जमीन विवाद में युवक की मौत, दो घायल

June 09th, 2018 19:07 IST
दिल्ली : तुगलकाबाद गांव में जमीन विवाद में युवक की मौत, दो घायल

हाईलाइट

  • दिल्ली के तुगलकाबाद गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई कहासुनी में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है।
  • मृतक का नाम जितेन्द्र बताया गया है।
  • विरोध करने पर हमलावारों ने जितेन्द्र के परिजनों की बेरहमी से पिटाई कर दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के तुगलकाबाद गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई कहासुनी में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। मृतक का नाम जितेन्द्र बताया गया है। मृतक के पिता को जैसे बेटे की मौत का पता चल तो वह परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के साथ घटना स्थल पहुंचा। जहां विरोध करने पर हमलावारों ने जितेन्द्र के परिजनों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस दौरान दो लोग घायल हो गए है। जिन्हें एम्स के ट्रामा सेंटर में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।  

मृतक के पिता के मुताबिक, उनके बेटे को सुभाष पहलवान, जगत और जालंधर बुलाकर ले गए थे। जहां जमीन के कब्जे को लेकर सुभाष ने लड़कों के साथ मिलकर मेरे बेटे की लाठी और डंडों से बुरी तरह पिटाई की। बेरहमी से हुई पिटाई की वजह से जितेन्द्र की मौत हो गई।  

हत्या और मारपीट का आरोप लगाते हुए मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि सुभाष पहलवान सरकारी जमीन को बेच रहा था। वो सरकारी जमीन हमारे कब्जे में थी। सुभाष पहलवान अगर जमीन बेच देता तो हमे जेल जाना पड़ता। इस जमीन को लेकर उसने मेरे बेटे को मार डाला। 

प्रारंभिक जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि यह घटना दो समूहों के बीच कुछ व्यक्तिगत विव्वाद के कारण हुई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इस मामले में एक मामला दर्ज किया गया है। जिस जमीन पर विवाद हुआ है वह तुगलकाबाद गांव के पास एएसआई यानि पुरातत्व विभाग की खाली जमीन पड़ी है।


 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।