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दिल्ली: एक ही घर में मिले 11 लोगों के शव, पुलिस को तांत्रिक क्रियाओं पर शक

July 02nd, 2018 08:20 IST

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक घर से 11 लोगों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके के एक घर से संदिग्ध हालत में 11 लोगों के शव मिले, जिनमें 7 महिलाएं और 4 पुरुषों के शव हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरुआती जांच करने के बाद ही मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर पुलिस आलोक कुमार ने बताया है, 'मामला हमें ट्रांसफर कर दिया गया है और हमारी टीम जांच कर रही है। फिलहाल कुछ हाथ से लिखे हुए लेटर बरामद हुए हैं जो कि इस घटना के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की ओर इशारा कर रहे हैं। आगे की जांच में इस पर और खुलासे होंगे।'


घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से मामले की जांच की प्रगति के बारे में बातचीत की।

इन लोगों की मौत कैसे हुई इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है, लेकिन शवों को देखकर ये आशंका जताई जा रही है कि सभी लोगों ने आत्महत्या की है। जानकारी के मुताबिक घर से मिले शव के मुंह और आंखों पर पट्टी बंधी हुई है। ये शव फांसी पर लटके हुए मिले हैं।  

बताया जा रहा है कि मरने वाले परिवार का फर्नीचर और दूध का कारोबार था। घर के पास ही इनकी दुकान भी थी। 


एक ही परिवार के 11 लोगों के शव बुराड़ी के संत नगर में गली नंबर 24 में गुरुद्वारे के पास स्थित एक घर से बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक ललित नाम के कारोबारी के परिवार की मौत हुई है। ये लोग राजस्थान के रहने वाले थे और करीब 22-23 साल से बुराड़ी इलाके में रह रहे थे।

घर से कारोबारी ललित, उसकी पत्नी और तीन बच्चों सहित ललित की मां, बहन, ललित के छोटे भाई, भाई की पत्नी और उनके दो बच्चों के शव बरामद किए गए हैं। पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों की पहचान कर ली है। मृतकों में परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य 75 वर्षीय महिला 'नारायण' की गला दबाने से मौत हुई है। 

मां नारायण का बड़ा बेटा 46 वर्षीय भूपी, भूपी की पत्नी सविता, भूपी की बेटियां नीतू, मीनू और भूपी का बेटा धीरू, मां नारायण का छोटा बेटा 42 वर्षीय ललित, ललित की पत्नी टीना, ललित का 12 वर्षीय एक बेटा शामिल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद भारी पुलिस बल से अलावा FSL की टीम भी जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची। BJP नेता और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, AAP विधायक भी मौके पर पहुंचे।

बताया गया कि पास में ही रहने वाले गुरचरण सिंह ने सबसे पहले इनकी लाशें देखी थीं। उसने  घर का दरवाजा खुला देखा तो वो घर की पहली मंजिल पर चला गया, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। पड़ोसियों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस घर के आस-पास लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है।

लोगों का कहना है कि परिवार में दूध और प्लाईवुड की दुकान थी। वहीं घर के पास एक किराने की भी दुकान थी। आमतौर पर सुबह ही उनकी दुकान खुल जाती थी। शनिवार रात करीब 11.45 बजे उन्होंने दुकान बंद कर दी थी। रविवार की सुबह उनका एक पड़ोसी दूध खरीदने गया तो दुकान बंद थी, जबकि घर का दरवाजा खुला हुआ था। अंगर जाकर देखा तो सभी सदस्य फंदे में लटके हुए थे। जिसके बाद पुलिस को सूचित किया।

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