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बुराड़ी कांड : बाबा और रजिस्टर से खुलेगा 11 मौतों का राज...

July 03rd, 2018 11:54 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी में फंदे से लटकी मिली 11 लोगों की लाश का राज जानने के लिए पुलिस जानेदारी बाबा की तलाश कर रही है। दरअसल, पुलिस को घर से मिले रजिस्टर में धार्मिक बातें लिखी मिली हैं। इससे पुलिस अंदेशा लगा रही है कि इस घटना के पीछे तंत्र साधना भी एक मुख्य वजह हो सकती है। घर में मिले रजिस्टर में लिखा है कि स्टूल का इस्तेमाल करने, आंख बंद कर लेने और हाथ बांध लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पुलिस को तंत्र साधना वजह होने का शक इसलिए भी है, क्योंकि कमरे में दाखिल होते ही पुलिस को शवों की आंखों पर पट्टी और हाथ पैर भी बंधे मिले थे। जिस रजिस्टर के आधार पर पुलिस घटना में ये एंगल जोड़ रही है, वह घर में बने एक छोटे से मंदिर के बगल में रखा मिला।

इस रजिस्टर में 2017 से एंट्री शुरू हुई है। रजिस्टर में मोबाइल अलग रखने और कान में रूई डालने के बारे में भी लिखा है। घटनास्थल में भी पुलिस को मोबाइल अलग-अलग जगह रखे मिले हैं और कान से रूई भी मिली है। पुलिस ने 11 में से 6 शव का पोस्टमार्टम भी करवाया है। पीएम रिपोर्ट में सभी की मौत लटकने से सामने आई है।

मामले में बात करते हुए मृतक भाइयों ललित और भूपी भाटिया बहन ने आत्महत्या की बात को साफ नकार दिया है। सुजाता ने कहा, 'लोग अंधविश्वास की बात कह रहे हैं... मैं बता दूं कि ऐसा कुछ नहीं था। परिवार के तंत्र-मंत्र की बात झूठी थी। मेरे परिवार के लोग धार्मिक थे, लेकिन किसी बाबा, तंत्र-मंत्र के चक्कर में शामिल नहीं थे। परिवार में सब लोग खुश थे और उनके ऊपर कोई दबाव नहीं था। घर में शादी का माहौल था, तब लोग क्यों सुसाइड करेंगे।'

सुजाता ने कहा कि उनके परिवार में कोई परेशानी भी नहीं थी और यह सरासर हत्या का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामला बंद करने के लिए इस तरह की बात कर रही है। सुजाता ने बताया कि कुछ ही दिन में उनकी भतीजी की शादी होने वाली थी और पूरा परिवार उसे लेकर उत्साहित था।

सुजाता के अनुसार घर का दरवाजा खुला है और पुलिस कह रही है कि आत्महत्या हुई है। ऐसा नहीं है... पुलिस को ठीक से जांच करनी चाहिए यह हत्या का ही मामला है।

गौरतलब है कि एक महिला को छोड़कर सभी की लाश फंदे से लटकी मिली थी। इसके अलावा पुलिस धार्मिक एंगल इसलिए भी तलाश रही है, क्योंकि लाश मिलने वाले घर में 11 पाइप भी लगे मिले हैं। इन पर भी सवाल उठाया जा रहा है। ये पाइप घर की बाहरी दीवार पर दूसरे घर की तरफ लगे हैं। इनमें से सात पाइप झुके हुए हैं, जबकि चार सीधे हैं। इन पाइप से न तो पानी निकलता है और न ही पानी के कोई निशान इन पाइप के आसपास मिले हैं।


डायरी में ये 10 बातें भी लिखी हैं...

1. घर में शांति बनाकर और मौन व्रत धारण करके भगवान के दर्शन किए जा सकते हैं।
2. प्रभु के पास जाते समय किसी तरह के शोर-शराबे से बचने के लिए मोबाइल बंद कर लेना चाहिए। 
3. मंगलवार, शनिवार या रविवार को ही हरिदर्शन के उपाय करने चाहिए।
4. भगवान के दर्शन करने के लिए बिना बताए नियमों का पालन करना जरूरी है।
5. कान में रूई डाल लेनी चाहिए, ताकि पारिवार के सदस्यों को भी एक दूसरे की आवाज सुनाई न दे।
6. प्रभु दर्शन करने अपनी आंखों पर पट्टी बांधना है, जिससे एक दूसरे को देखा भी न जा सके।
7. भगवान के दर्शन करने के लिए पहले हवन-पूजन करना है। (पुलिस को हवनकुंड और अनुष्ठान के सबूत मिले हैं)
8. जब हाथ पैर बांधकर रस्सी से लटक रहे हों तो छटपटाहट होने पर घबराना नहीं है, भगवान दर्शन देंगे।
9. हवन के बाद जब भगवान के दर्शन की क्रिया करनी हो तो घर की विधवा महिलाओं को परिवार से कुछ दूरी पर यह करना है।
10. भगवान के दर्शन करते ही सांसारिक दुखों से मुक्ति मिल जाएगी।

दो-दो घंटे पूजा करता था परिवार
बुराड़ी में जिस भाटिया परिवार के 11 लोगों की लाश मिली है, उन सभी को पड़ोसी व्यवहार कुशल और धार्मिक प्रवृत्ती का बताते हैं। अपने घर में होने वाले हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान में भी भाटिया परिवार पड़ोसियों को बुलाया करता था। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया है कि भाटिया परिवार का हर शख्स सभी से प्रेम से मिलता था।

इन 11 लोगों के पुलिस को मिले हैं शव
77 साल की नारायण देवी, उनके बेटे 50 वर्षीय भुवनेश उर्फ भप्पी और दूसरे बेटे 45 वर्षीय ललित, भुवनेश की पत्नी 48 वर्षीय सविता और बच्चे नीतू 25, मोनू 23, ध्रुव 15 आौर ललित की 42 वर्षीय पत्नी टीना के साथ ही उनके इकलौते बेटे शिवम उर्फ शिबू 15 की लाश भी मिली है। इस घर में ही रहने वाली नारायण की 57 वर्षीय विधवा बेटी प्रतिभा और 33 साल की दोहती प्रियंका भी मृत मिली है।

छोटे बेटे का पांच साल से मौनव्रत
नारायण देवी के छोटे बेटे ललित ने पांच साल से मौनव्रत धारण किया हुआ था। उनके घर के बेसमेंट में लकड़ी और प्लाईवुड की दुकान थी। दोनों दुकानों के बीच प्लाई का एक बोर्ड लगा था, जिस पर प्रियंका या फिर परिवार का कोई सदस्य रोजाना अध्यात्मिक विचार लिखता था।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।