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बंगाल के स्कूल में काली त्वचा बदसूरत है पढ़ाए जाने पर 2 अधिकारी निलंबित

June 12th, 2020 15:09 IST
बंगाल के स्कूल में काली त्वचा बदसूरत है पढ़ाए जाने पर 2 अधिकारी निलंबित

हाईलाइट

  • बंगाल के स्कूल में काली त्वचा बदसूरत है पढ़ाए जाने पर 2 अधिकारी निलंबित

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने बर्दवान जिले में स्कूल के दो अधिकारियों को एक ऐसी किताब से पढ़ाने के आरोप में निलंबित कर दिया है, जिसमें काले रंग के लोगों को बदसूरत बताया गया है। यह मामला नस्लीय और रंग भेदभाव की पृष्ठभूमि से जुड़ा है। यह घटना बर्दवान म्युनिसिपल गर्ल्स हाईस्कूल में घटी, जहां एक रिफरेंस बुक में काले रंग की त्वचा वाले व्यक्ति की तस्वीर के साथ बदसूरत शब्द का इस्तेमाल किया गया था।

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने मामले का संज्ञान लिया और मामले में शामिल दो स्कूल अधिकारियों- श्रावणी मंडल और बरनाली दास को निलंबित कर दिया है। चटर्जी ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया, निलंबन अनुशासनात्मक कार्रवाई का एक हिस्सा है। हमने दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है कि वे नगर निगम के स्कूल में उस रेफरेंस बुक का उपयोग क्यों कर रही हैं और छात्रों के बीच नस्लीय रूढ़िवादिता को प्रोत्साहित कर रही हैं।

मंत्री ने कहा कि जिस पुस्तक में काले रंग के व्यक्ति को बदसूरत बताया गया है, वह राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित पाठ्यपुस्तक नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि यह एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास है। मंत्री ने कहा, उन्होंने यह पुस्तक बाहर से प्राप्त की और इसे संदर्भ के रूप में उपयोग किया। हम इस मामले को बहुत गंभीरता से देख रहे हैं। इस बीच, बर्दवान म्युनिसिपल गर्ल्स हाईस्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावकों के एक वर्ग ने भी इस मुद्दे पर विरोध जताया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।