दैनिक भास्कर हिंदी: पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के 2 अधिकारी लापता (लीड-2)

June 15th, 2020

हाईलाइट

  • पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के 2 अधिकारी लापता (लीड-2)

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में स्थित भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी सोमवार सुबह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

भारत ने दोनों अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस मामले को पाकिस्तानी अधिकारियों के समक्ष उठाया है।

सूत्रों ने कहा, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के दो ड्राइवर एक वाहन के साथ ड्यूटी के लिए निकले थे, लेकिन गंतव्य तक नहीं पहुंचे। तब से वे लापता है।

उन्होंेने कहा, लापता कर्मचारी कहां है, इस बारे में पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभीतक कुछ नहीं कहा है।

यह घटना कुछ ही दिनों पहले भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया का पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पीछा करने की घटना के बाद हुई है, जिसमें मोटरसाइकिल सवार लोगों द्वारा अहलूवालिया का पीछा किया गया था और डराया-धमकाया गया था। यह घटना 4 जून को हुई थी। माना जा रहा है कि पीछा करने वाले इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के आदमी थे।

घटना के बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों का उत्पीड़न करने के मामले को भारत ने कूटनीतिक स्तर पर उठाया था।

भारत द्वारा जासूसी करते रंगे हाथों पकड़े गए पाकिस्तानी दूतावास के दो अधिकारियों को निकालने के बाद पाकिस्तान भारतीय राजनयिकों को निशाना बना रहा है।

इन सब के बीच, भारतीय उच्चायोग को सामान्य कामकाज सुनिश्चित करना मुश्किल हो रहा है। भारतीय राजनयिक और कांसुलर अधिकारियों से आक्रामक तरीके से पूछताछ की जा रही है और निगरानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले शुक्रवार को, भारत ने पाकिस्तान के अधिकारियों को अपना विरोध दर्ज कराया और इस्लामाबाद से भारतीय उच्चायोग और उसके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें वियना कन्वेंशन के अनुसार अपनी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए कहा।

भारत ने पाकिस्तान को बताया कि उसकी एजेंसियों के व्यवहार ने राजनयिक संबंधों पर 1961 के वियना कन्वेंशन का उल्लंघन किया और साथ ही 1992 में द्विपक्षीय आचार संहिता पर हुए समझौते का भी उल्लंघन किया है।

31 मई को, नई दिल्ली में, भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी के आरोपों में 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया था।