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दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 510 छात्रों ने पास किया जेईई मेन

September 16th, 2020 01:30 IST
 दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 510 छात्रों ने पास किया जेईई मेन

हाईलाइट

  • दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 510 छात्रों ने पास किया जेईई मेन

नई दिल्ली, 16 सितंबर आईएएनएस। जेईई मेन परीक्षा के नतीजे आ चुके हैं। दिल्ली को लेकर इन नतीजों में खास बात यह रही कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले 510 बच्चों ने जेईई मेन की परीक्षा पास की है। यह संख्या पिछले साल 473 थी और इसके पिछले साल 350 थी। कोरोना के कारण आइसोलेशन में रह रहे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने छात्रों की इस कामयाबी पर संतोष जाहिर किया है।

सिसोदिया ने कहा, मुझे खुशी है कि टीम एजुकेशन की मेहनत रंग ला रही है। इन बच्चों में कई के माता पिता सिक्योरिटी गार्ड, प्रेसवाले, रिक्शा वाले और घरों में काम करने वाले सहायक आदि हैं।

उधर, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मनीष सिसोदिया को संदेश भेजते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उपराज्यपाल के संदेश के जवाब में मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल का धन्यवाद किया।

जेईई मेन परीक्षा में प्रथम स्थान गुजरात के निसर्ग चड्ढा को मिला है। वहीं दूसरे नंबर पर दिल्ली के गुरुकीरत सिंह रहे। तीसरे नंबर पर हरियाणा के दिव्यांशु अग्रवाल अपना स्थान सुरक्षित रखने में कामयाब हुए।

6 सितंबर को समाप्त हुई जेईई मेन परीक्षा के लिए 8.58 लाख छात्रों ने फॉर्म भरा था। इनमें से 82 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने जेईई की परीक्षा दी है। जो छात्र जेईई मेन की परीक्षाओं में शामिल हुए हैं, उन्हें नतीजों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जेईई मेन परीक्षाओं का रिजल्ट 10 सितंबर को घोषित किया गया। रिजल्ट घोषित किए जाने के बाद अब जेईई एडवांस की परीक्षा ली जाएगी।

जेईई मेन परीक्षा का नतीजा घोषित किए जाने के बाद 17 सितंबर तक छात्र जेईई एडवांस के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। जेईई एडवांस की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 20 सितंबर को जारी होगा। जेईई एडवांस में जेईई मेन के नतीजो के आधार पर 2.5 लाख छात्रों को परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जेईई एडवांस की परीक्षा 27 सितंबर को होगी।

जेईई परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 10 लाख मास्क और 6 हजार लीटर से अधिक सेनिटाइजर तैयार कराया है। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को सेनिटाइजर एवं मास्क निशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। कोरोना के दौरान आयोजित की यह पहली बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाएं हैं।

जीसीबी/एसजीके

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