दैनिक भास्कर हिंदी: लोकसभा में इस बार पहुंचीं 76 महिला सांसद, BJD ने दिए थे सबसे ज्यादा टिकट

May 25th, 2019

हाईलाइट

  • लोकसभा चुनाव में बने कई रिकॉर्ड
  • ओडिशा में 41 प्रतिशत महिलाओं को मिला टिकट
  • महिलाओं को टिकट देने के मामले में पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव (2019) के नतीजों ने कई रिकॉर्ड कायम किए हैं। एक तरफ मोदी सरकार पहली ऐसी गैर कांग्रेसी सरकार बन गई है, जिसने पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज की है तो दूसरी तरफ विपक्ष में किसी भी पार्टी के पास इतनी सीटें भी नहीं है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद हासिल कर सके। इसके साथ ही इस बार लोकसभा में सबसे ज्यादा 76 महिला उम्मीदवार जीतकर पहुंचने का भी रिकॉर्ड बन गया है।

इस बार दो छोटे राज्यों ने अपने क्षेत्रफल और आबादी से आगे बढ़कर ज्यादा महिला सासंदों को जिताकर संसद पहुंचाया है। इनमें सबसे आगे ओडिशा तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। ओडिशा की क्षेत्रीय पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने 41 फीसदी तो पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 33 प्रतिशत महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। बीजेडी ने ओडिशा की 21 में 7 सीटों पर महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था, जिसमें से 6 बीजेडी जीत गई है। इसके अलावा ओडिशा में बीजेपी की 2 महिला प्रत्याशियों को भी जीत मिली है। 
 
बंगाल में 42 लोकसभा सीटों में 14 पर महिलाओं ने जीत दर्ज की है। इसमें से 11 तृणमूल कांग्रेस तो 3 बीजेपी से हैं। बंगाल में टीएमसी ने 17 महिलाओं को टिकट दिया था, जिसमें से 11 ने जीत दर्ज की है, यहां बीजेपी के टिकट से भी तीन महिलाएं सांसद बनी हैं। उत्तर प्रदेश की 80 में से 10 सीटों पर महिलाओं ने जीत दर्ज की है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश से 4, झारखंड से 2, पंजाब से 2, तमिलनाडू से 3, राजस्थान से 3, छत्तीसगढ़ से 3, बिहार से 4, मध्य प्रदेश से 5, गुजरात से 5, महाराष्ट्र से 5, चंडीगढ़ से 1 और नई दिल्ली से 1 सीटें महिलाओं ने जीती हैं।

1977 में सबसे कम 19 महिलाओं ने जीता था चुनाव
महिलाओं ने देश के चुनाव में आजादी के बाद से ही हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। पहली लोकसभा में 22 महिला सांसद चुनकर संसद पहुंची थीं, लेकिन 1977 में ये आंकड़ा केवल 19 पर ही सिमटकर रह गया था, जो कि सबसे कम था। पिछले लोकसभा चुनाव (2014) में 62 महिलाएं जीती थीं।

 

 

 

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