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84 कोसी परिक्रमा पर कोरोना का ग्रहण

March 29th, 2020 00:30 IST
 84 कोसी परिक्रमा पर कोरोना का ग्रहण

हाईलाइट

  • 84 कोसी परिक्रमा पर कोरोना का ग्रहण

अयोध्या, 28 मार्च(आईएएनएस)। कोरोना वायरस ने इस बार अयेाध्या में होने वाली 84 कोसी परिक्रमा पर ग्रहण लगा दिया है। हनुमान मंडल के बैनर तले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और मंत्री चम्पत राय के साथ हुई शीर्ष संतों और विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों की बैठक के बाद 84 कोसी परिक्रमा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि चौरासी कोसी परिक्रमा की तैयारी पूरी तैयारी चुकी थी। इस बार पूरे देश से संत समाज इसमें भाग लेना चाह रहा था। लेकिन कोरोना के खतरे के बीच समाज और राष्ट्र की सुरक्षा अधिक जरूरी है। समाज सुरक्षित रहेगा तो परिक्रमा अगले वर्ष हो जाएगी।

परिक्रमा प्रभारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि यह परिक्रमा अयोध्या से आठ अप्रैल को संत धर्माचायरे के संरक्षण मे मखोड़ा हेतु प्रस्थान करने वाली थी। मखोड़ा में रात्रि विश्राम के उपरांत प्रात:काल दर्शन पूजन करके संत आगे रजवापुर रामगढ़खास ,छावनी रामरेखा, देवकली हनुमान मंदिर विशेषरगंज हनुमानबाग बस्ती से सरयू पारकर फैजाबाद के शेरवाघाट श्रृंगीश्रृषि आश्रम, महबूब गंज, गोसाईगंज, टिकरी तारून, रामपुर भगन सूर्यकुंड, दराब गंज, हेमा सराय, आस्तिकन, अमानी गंज, रौजागांव, पटरंगा से बाराबंकी जनपद के बेलखरा में प्रवेश करने वाली थी। यहां से गोंडा जनपद के देवीगंज दुलारेगंज जम्मूदीप, भौरीगंज राजापुर पस्का (संत तुलसीदास की जन्मभूमि) बखरिया,उमरी डिक्सिर अमदही जमदग्नि आश्रम तुलसीपुर नवाब गंज से जनपद बस्ती में पुन: वापसी रेहली, सिकंदरपुर होते हुये 29 अप्रैल को मखोड़ा पहुंचने थी।

उन्होंने बताया 30 अप्रैल को सायंकाल तक अयोध्या पहुंचकर दूसरे दिन 11 मई को सरयू स्नान करने के पश्चात राजकोट की परिक्रमा वा सीता कुंड पर हवन पूजन करके परिक्रमा समाप्त हो जाती।

-- आईएएनएस

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