दैनिक भास्कर हिंदी: राजीव गांधी ‘भारत रत्न’ विवाद पर AAP की सफाई, अलका ने भी इस्तीफे की बात नकारी

December 23rd, 2018

हाईलाइट

  • राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के विवादों के बीच AAP घिरी हुई नजर आ रही है।
  • दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखा।
  • सिसोदिया ने कहा कि पार्टी राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के पक्ष में नहीं है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के विवादों के बीच आम आदमी पार्टी और घिरती हुई नजर आ रही है। शुक्रवार को विधानसभा में प्रस्ताव पेश होने के बाद AAP की विधायक अलका लांबा ने विरोध किया था। इसके बाद आए मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा था कि अलका लांबा की पार्टी से छुट्टी कर दी गई है। वहीं एक और विधायक सोमनाथ भारती पर भी कार्रवाई करने की बात कही जा रही थी। इसी बीच शनिवार को AAP के विधायक और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने किसी भी विधायक से इस्तीफा वापस नहीं लिया है। वहीं अलका लांबा ने भी कहा है कि वह इस्तीफा नहीं दे रही।

मनीष सिसोदिया ने कहा, 'हम चाहते हैं कि 1984 दंगों की पीड़ितों को न्याय मिले। पार्टी ने शुक्रवार को विधासभा में इसी को लेकर बात किया। इस बारे में सभी विधायकों ने अपनी-अपनी बात रखी। प्रस्ताव भी इसी को लेकर था। हालांकि मैं इस दौरान वहां मौजूद नहीं था। पूर्व पीएम राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का हमारा कोई स्टैंड नहीं है। हमने किसी से भी इस्तीफा नहीं मांगा है। अलका लांबा ने कल अपने ट्वीट के साथ जो प्रस्ताव की कॉपी लगाई थी, वह प्रस्ताव का हिस्सा थी ही नहीं। हम अलका से पूछेंगे कि वह उनके पास कहां से आया।'

 

 

इसके बाद अलका लांबा ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। मुझे बेहद खुशी महसूस हो रही है कि पार्टी ने देश द्वारा स्वर्गीय श्री राजीव गांधी को दिये गए भारत रत्न का समर्थन किया है। राजीव गांधी के अतुलनीय बलिदान और त्याग को यह देश कभी नही भुला सकता है। मैं उस प्रस्ताव की प्रति को हटा रही हूं,जो कि विधानसभा में पास ही नहीं हुई।'

 

 

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव राजीव गांधी को 1984 सिख दंगों का दोषी मानते हुए पारित किया। इसके बाद AAP के विधायक जरनैल सिंह ने मीडिया से बात कर इसकी पुष्टि भी की थी। अलका इस प्रस्ताव के खिलाफ थीं और नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग की जाए। जिसके बाद सूत्रों ने दावा किया था कि लांबा की पार्टी से छुट्टी कर दी गई। वहीं सोमनाथ भारती को भी प्रवक्ताओं के पैनल से हटा दिया गया। लांबा ने अपनी ट्वीट में प्रस्ताव की एक कॉपी भी लगाई थी।

वहीं सोमनाथ भारती कुछ अलग ही कहते नजर आए। सोमनाथ भारती ने ट्वीट कर लिखा कि ऐसा कोई बिल विधानसभा में पारित ही नहीं हुआ। हालांकि वह यह मानते हैं कि इसकी पेशकश उन्होंने की थी, लेकिन उनके अनुसार यह प्रस्ताव का मूल हिस्सा नहीं बनी, न इसपर कोई वोटिंग हुई। वहीं इस मामले को लेकर AAP के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने भी एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें जरनैल सिंह प्रस्ताव पढ़ते हुए नजर आ रहे हैं और विधानसभा स्पीकर इसको पारित करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना जायज है कि क्या यह मामला सामने आने के बाद AAP इस मामले से खुद को दूर करने के लिए यू-टर्न ले रही है, या वाकई पार्टी ने इस तरह का कोई प्रस्ताव पेश ही नहीं किया और यह वीडियो और प्रस्ताव झूठे हैं।

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