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70 दिनों के लॉकडाउन के बाद, घाटी में BSNL पोस्टपेड सेवाएं बहाल, इंटरनेट अभी भी बंद


हाईलाइट

  • कश्मीर में बीएसएनएल नेटवर्क पर पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल कर दी गईं
  • इंटरनेट सेवाओं को अभी तक बहाल नहीं किया गया है
  • सरकार ने पिछले हफ्ते पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने की घोषणा की थी

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। कश्मीर में 70 दिनों के कम्यूनिकेशन लॉकडाउन के बाद, सोमवार को घाटी में बीएसएनएल नेटवर्क पर पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल कर दी गईं। सरकार ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि घाटी में लगभग 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाओं को सोमवार दोपहर से चालू किया जाएगा। हालांकि इंटरनेट सेवाओं को अभी तक बहाल नहीं किया गया है।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, 'घाटी में मोबाइल सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। पुलिस को अभी तक कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने के लिए किसी भी गतिविधि के बारे में कोई कॉल या जानकारी नहीं मिली है। हमने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर तरह के कदम उठाए हैं।'

शनिवार को जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा था 'स्थिति की समीक्षा करने के बाद, जम्मू-कश्मीर के सभी शेष क्षेत्रों में मोबाइल-फोन सुविधाओं को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। विशेष रूप से सभी पोस्ट-पेड मोबाइल फोन सेवाओं को सोमवार 14 अक्टूबर, 2019 को दोपहर 12 बजे से बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि 20 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाएं अभी निष्क्रिय रहेंगी।

सूत्रों के अनुसार, मोबाइल सेवाओं की निरंतरता इस बात पर निर्भर करेगी कि घाटी में सुरक्षा की स्थिति कैसी है। सेलफोन सेवाओं की बहाली प्रशासन के प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणाओं की एक सीरीज का हिस्सा है। 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे जिसमें सेलफोन सेवाओं पर प्रतिबंध भी शामिल था।

16 अगस्त से प्रशासन चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंधों में ढील दे रहा है। 17 अगस्त को घाटी में पार्टियल फिक्स्ड-लाइन टेलीफोनी को फिर से शुरू किया गया था और 4 सितंबर तक लगभग 50,000 लैंडलाइन को चालू घोषित कर दिया गया था। जम्मू और लद्दाख में पहले ही मोबाइल फोन सेवाओं को शुरू किया जा चुका है।

जम्मू में, लॉकडाउन के कुछ ही दिनों के भीतर कम्यूनिकेशन बहाल कर दिया गया था और मोबाइल इंटरनेट अगस्त के मध्य में शुरू किया गया था। हालांकि, इसके दुरुपयोग की खबरों के सामने आने के बाद 18 अगस्त को सेल फोन पर इंटरनेट की सुविधा बंद कर दी गई थी।
 

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