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अयोध्या पर फैसले के बाद राजनाथ बोले- अब 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' की बारी


हाईलाइट

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि अब 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' समय आ गया है
  • हर धर्म और हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू होता है यूनिफॉर्म सिविल कोड
  • अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 'लैंडमार्क डिसीजन' है : राजनाथ

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या पर फैसला देने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को बताया कि अब यूनिफॉर्म सिविल कोड का समय भी गया है। साथ ही उन्होंने अयोध्या विवाद पर कोर्ट के फैसले को लैंडमार्क डिसीजन करार दिया है। दशकों से चल रहे अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने जमीन पर मालिकाना हक रामलला को दिया है। वहीं मुस्लिम पक्ष को कहीं और 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाएगी।

राजनाथ सिंह ने शनिवार को दून में हुए उत्तराखंड के 20वें स्थापना दिवस समारोह में अपनी शिरकत दी। इस दौरान जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका समय आ गया है। वहीं उन्होंने अयोध्या पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि 'अयोध्या पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक है। इस फैसले से भारत का सामाजिक तानाबाना और मजबूत होगा। मैं सभी लोगों से इस फैसले को समानता और उदारता से स्वीकार करने का आग्रह करता हूं।'

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड ?

यूनिफॉर्म सिविल कोड या समान नागरिक संहिता एक धर्मनिरपेक्ष कानून है जो सभी धर्म के प्रत्येक व्यक्ति पर समान रूप से लागू होता है, फिर चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का ही व्यक्ति क्यों न हो। अब तक हर धर्म के कानून अलग-अलग है, लेकिन इस कोड के लागू होने से प्रत्येक धर्म का कानून एकसमान हो जाएगा। वर्तमान में देश के हर धर्म के अपने-अपेन पर्सनल लॉ हैं। हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन धर्म हिन्दू सिविल लॉ के अधीन हैं, जबकि मुस्लिम, ईसाई और पारसी समुदायों के अपने-अपने पर्सनल लॉ हैं।

इस कोड को लेकर काफी लंबे समय से बहस चलती आ रही है। संविधान में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करना राज्‍यों की जिम्‍मेदारी बताया गया है। इस अनुच्छेद में लेख है कि भारत के सभी राज्यों में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता देने की कोशिश होगी।

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