दैनिक भास्कर हिंदी: अमित शाह ने मेरठ में कार्यकर्ताओं से कहा- महागठबंधन से डरे नहीं, इससे मैं निपट लूंगा

August 13th, 2018

हाईलाइट

  • मेरठ में बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई।
  • समापन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को जीत के मंत्र दिए।
  • अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- महागठबंधन की चिंता आप मुझ पर छोड़ दीजिए।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मेरठ में बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार को खत्म हो गई। बैठक के समापन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को जीत के मंत्र दिए। उन्होंने कहा, 'हम अगले चुनाव में 51 फीसदी वोट हासिल करने का लक्ष्य लेकर चलेंगे। हर कार्यकर्ता को मोदी और योगी सरकार की योजनाओं को जनता के बीच लेकर जाना है, बाकी काम अपने आप हो जाएगा।' अमित शाह ने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं को महागठबंधन से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब 2017 के विधानसभा चुनाव में हम लड़े थे तो दो दलों ने हाथ मिलाया था लेकिन हम तब एक तरफा जीते थे और 300 से ज्यादा सीट लाए थे। इस बार तीसरा भी साथ आ जाएगा तो भी हम नहीं रूकेंगे।'

अमित शाह ने कहा, 'विपक्षी दलों के एकजुट होने की चिंता आप मुझ पर छोड़ दिजिए। मैं यह दावा कर सकता हूं कि यूपी में तीन दल मिलकर भी हमें नहीं हरा पाएंगे। 2019 में हम यहां 80 में से कम से कम 74 सीटें जीतेंगे।' यूपी उपचुनाव में बसपा-सपा और कांग्रेस के एक होने पर मिली हार को लेकर भी अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा, 'विपक्ष की इस जीत में महज 5% का अंतर था। हम यह अंतर आसानी से पाट देंगे।'

इस दौरान महाभारत का उदाहरण देते हुए अमित शाह ने कहा, 'महाभारत में शुरुआती दिनों में चाहे जो कुछ हुआ हो अंत में जीत अर्जुन की ही हुई। हमारा हर कार्यकर्ता अर्जुन है। अंत में जीत भी हमारी ही होगी।'

अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने NRC के मुद्दे पर TMC और कांग्रेस के रूख पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हम एक भी घुसपैठिये को देश में नहीं रहने देंगे। समझ नहीं आता कि ममता बनर्जी और कांग्रेस पार्टी के नेता बेवजह इस मुद्दे पर बखेड़ा क्यों खड़ा कर रहे हैं, क्या वे चाहते हैं कि बांग्लादेशी घुसपैठिये भारतीय नागरिक बनकर रहे?'

दलितों के मुद्दे पर भी अमित शाह ने विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'बीजेपी पर विपक्षी दल दलित विरोधी होने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी दलितों पर ध्यान नहीं दिया। दलितों का असल विकास मोदी सरकार में ही हुआ। केन्द्र सरकार ने उज्ज्वला, मुफ्त बिजली, आवास आदि योजनाओं के जरिए दलितों, वंचितों का कल्याण किया।'