दैनिक भास्कर हिंदी: विरोध के बाद बढ़ा दबाव, अरुणाचल सरकार ने वापस लिया PRC प्रस्ताव

February 25th, 2019

हाईलाइट

  • 6 समुदायों को दिया जाना था स्थायी निवासी सर्टिफिकेट
  • ईटानगर और नाहरलगुन में लगाया गया कर्फ्यू
  • आईटीबीपी के एक हजार जवान अरुणाचल में तैनात

डिजिटल डेस्क, ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश की सरकार ने राज्य के बाहर के 6 समुदायों को स्थायी निवासी सर्टिफिकेट देने वाले विधेयक को वापस ले लिया है। इससे पहले विधेयक के सामने आने पर राज्य का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। विधेयक के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ईटानगर और नाहरलगुन में जमकर उत्पात मचाया था, जिसके बाद दोनों इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया कि नामसी और चांमलांग जिलों में रह रहे 6 समुदायों को पीआरसी देने के लिए सुंयुक्त उच्चाधिकार समिति की सिफारिशों को अस्वीकार करने का आदेश पारित कर दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि सरकार पीआरसी पर कोई विधेयक नहीं लाएगी। उन्होंने कहा कि नबाम रेबिया के नेतृत्व वाली संयुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट को सिर्फ पेश किया गया है।
 
इससे पहले गृह मंत्रालय ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 10 कंपनियों को हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में भेजा था। राज्य में हिंसा रोकने के लिए एक हजार जवानों को तैनात किया गया है। बता दें कि अर्धसैनिक बलों की एक कंपनी में 100 जवान शामिल होते हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने 60 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था, जबकि 150 से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ की गई थी। बॉलीवुड एक्टर सतीश कौशिक के 5 थियेटर्स को आग के हवाले कर दिया गया था, हालांकि वो वहां से बचकर निकल गए थे।

बता दें कि पुलिस की फायरिंग में शुक्रवार को एक युवक जख्मी हो गया था, जिसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद लोग उग्र हो गए और सड़क पर मार्च निकाला। मार्च के दौरान काफी तोड़-फोड़ की गई। विरोध कर रहे लोगों ने उप मुख्यमंत्री के नीति विहार इलाके में स्थित घर में आग लगा दी। उपायुक्त कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने ईटानगर पुलिस थाने पर भी हमला किया था।