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अशफाक उल्ला खान जयंती: अंग्रेजों की नाक में किया था दम, 27 साल की उम्र में हुए थे शहीद

अशफाक उल्ला खान जयंती: अंग्रेजों की नाक में किया था दम, 27 साल की उम्र में हुए थे शहीद

हाईलाइट

  • भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के प्रमुख क्रान्तिकारियों में से एक थे अशफाक
  • शहीद अशफाक ने 25 साल की उम्र में अंग्रेजों की नाम में दम किया था
  • शहीद अशफाक-उल्ला-खान ने काकोरी काण्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंग्रेजी शासन से देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अशफाक उल्ला खान की आज 119वीं जयंती है। अशफाक उल्ला खां भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के प्रमुख क्रान्तिकारियों में से एक थे। भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में बिस्मिल और अशफाक की भूमिका निर्विवाद रूप से हिन्दू-मुस्लिम एकता का बेजोड़ उदाहरण है। आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें...

यहां हुआ था जन्म
अशफाक उल्ला खां का जन्म 22 अक्टूबर 1900 में उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के 'शहीदगढ़' में हुआ था। उनके पिता का नाम पठान शफिकुल्लाह खान और माता का नाम मजहूर-उन-निसा था। पुलिस विभाग में कार्यरत शाफिकुल्लाह खान के 4 बेटों में सबसे छोटे थे अशफाक। परिवार के सभी लोग सरकारी नौकरी में थे, लेकिन अशफाक बचपन से ही देश के लिए कुछ करना चाहते थे। वह स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ कविता भी लिखते थे, उन्हें घुड़सवारी, निशानेबाजी और तैराकी का भी शौक था।

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