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विधानसभा चुनाव 2019: आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल, ओडिशा की 295 सीटों पर मतदान

विधानसभा चुनाव 2019: आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल, ओडिशा की 295 सीटों पर मतदान

हाईलाइट

  • चार राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी।
  • आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल, ओडिशा में विधानसभा चुनाव।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के साथ ही देश के चार राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए हैं। आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल और ओडिशा में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। 

आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा सीटों, अरुणाचल प्रदेश की 60, सिक्किम की 32 और ओडिशा की 28 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई। आंध्र प्रदेश से अलग होकर 2014 में तेलंगाना राज्य की स्थापना होने के बाद आंध्र प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ है। आंध्र प्रदेश की सभी 25 लोकसभा और 175 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में गुरुवार को ही मतदान संपन्न हो जाएगा। बता दें कि आज के मतदान के लिए मंगलवार की शाम को ही चुनाव प्रचार थम गया था। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ है। कुछ सीटों पर शाम चार बजे तक, कुछ पर पांच बजे तक और कुछ सीटों पर छह बजे तक मतदान होगा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में अपने परिवार के साथ वोट डाला। राज्य में नायडू सरकार के लिए भी परीक्षा का वक्त है, क्योंकि यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो रहे हैं।

YSR कांग्रेस के चीफ जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के कडपा में अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि लोग इस बार बदलाव चाहते हैं। जगन की पार्टी का मुकाबला चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी से है।

आंध्र प्रदेश के IT मंत्री और टीडीपी नेता नारा लोकेश ने अमरावती में वोट डाला। उन्होंने कहा, मंगलागिरी विधानसभा सीट पर हमें बड़ी जीत मिलेगी, साथ ही पूरे राज्य में टीडीपी फिर से चुनाव जीतकर सत्ता पर काबिज होगी। लोकेश ने कहा, मुझे अपने मतदाताओं पर पूरा भरोसा है और जनता को मुझ पर पूरा विश्वास है। नारा लोकेश सूबे के मुख्यमंत्री चंद्रहबाबू नायडू के बेटे हैं।

आंध्र प्रदेश में जन सेना पार्टी के एक उम्मीदवार ने EVM फेंक दी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। राज्य की 25 लोकसभा और 175 विधानसभा सीटों के लिए एक साथ वोटिंग हो रही है। यहां के अनंतपुर जिले में जनसेना उम्मीदवार मधुसूदन गुप्ता ने पोलिंग बूथ पर EVM को उठाकर जमीन पर पटक डाला, जिसके तुरंत बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने EVM में खराबी की शिकायत वाले पोलिंग बूथों पर फिर से चुनाव कराने की मांग की है। उनका कहना है, खराबी की वजह से जो मतदाता एक बार बूथ से वापस चले गए वह फिर से वोट डालने नहीं आएंगे।

आंध्र प्रदेश में YSRCP और टीडीपी कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी हुई है। बताया जा रहा है कि वोटिंग के दौरान दोनों गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। 

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में मतदान के दौरान ही टीडीपी और YSRCP कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इसमें स्थानीय टीडीपी नेता चिंता भास्कर रेड्डी की मौत हो गई है। चिंता भास्कर रेड्डी अनंतपुर के तदीपत्री के स्थानीय नेता है। YSR कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भिड़ंत में उन्हें गंभीर चोट आई थी, इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सीएम चंद्रबाबू नायडू ने टीडीपी नेता की राजनीतिक हिंसा में मौत पर गहरी नाराजगी जताई है। नायडू ने कहा, YSR कांग्रेस हिंसा का सहारा ले रही है क्योंकि वे लोग चुनाव हार रहे हैं। चंद्रबाबू नायडू ने पुलिस पर भी लोगों की शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

वहीं टीडीपी ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर संवेदनशील बूथों पर तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे गए पत्र में टीडीपी ने कहा, राज्य के डीजीपी को तुरंत मतदान केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया जाए।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।