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राहुल गांधी ने मोदी के नए भारत को बताया ‘क्रूर’, बीजेपी ने यूं किया पलटवार

July 24th, 2018 00:28 IST

हाईलाइट

  • अलवर मॉब लिंचिंग केस को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से किए गए हमले के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया है।
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को बताया नफरत का सौदागर।
  • केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा राहुल गांधी गिद्ध राजनीति कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अलवर मॉब लिंचिंग केस को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से किए गए हमले के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से जहां एक कविता के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधा। वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने भी राहुल गांधी को ट्विट कर जवाब दिया।

70 साल प्यार का नाटक
भाजपा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से राहुल गांधी के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी के गले लगने को लेकर घेरा। बीजेपी की ओर से कहा गया कि 70 साल प्यार का नाटक, बंद करो ये झूठ का फाटक...

राहुल गांधी कर रहे गिद्ध राजनीति
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लिखा, 'राहुल गांधी के परिवार ने 1984, भागलुपर, नेल्ली और दूसरे तमाम दंगों में नफरत के सबसे भयावह रूप की अगुआई की। यह शर्मनाक है कि वह भी 'गिद्ध राजनीति' के जरिए वही काम कर रहे हैं। ऐसी एक भी नजीर नहीं है, जब उन्होंने चुनावी फायदे के लिए सामाजिक एकता को खंडित करने की कोशिश न की हो।'

राहुल गांधी नफरत के सौदागर हैं
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, 'मिस्टर राहुल गांधी, हर बार अपराध होने पर खुशी से झूमना बंद कीजिए। राज्य ने पहले ही सख्त और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है। आप चुनावी फायदे के लिए हर मुमकिन तरीके से समाज को बांटते हैं फिर घड़ियाली आंसू बहाते हैं। बहुत हो चुका। आप नफरत के सौदागर हैं।'

क्या कहा था राहुल गांधी ने?
राहुल ने कहा था, 'पुलिसवालों ने मरने की हालात में मौजूद रकबर खान (मॉब लिंचिंग का शिकार) को अस्पताल तक पहुंचाने में तीन घंटे का समय लगाया। जबकि अस्पताल केवल छह किलोमीटर की दूरी पर था। क्यों? उन्होंने रास्ते में चाय का ब्रेक लिया हुआ था। यही, पीएम नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया का विजन है जहां नफरत की बयार बह रही है। लोग, अपने निहित स्वार्थ के लिए लोगों को मारने में संकोच नहीं कर रहे हैं।

क्या है अलवर लिंचिंग मामला?
अलवर (राजस्थान) के रामगढ़ में कथित रूप से गौतस्करों की पिटाई से मरने वाले रकबर खान के मामले में पुलिस की अमानवीयता सामने आई है। आरोप लग रहे हैं कि पुलिस ने घायल रकबर को अस्पताल पहुंचाने से पहले दो गायों को 10 किलोमीटर दूर गौशाला पहुंचाया। 6 किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाने में पुलिस ने 3 घंटे लगा दिए, जिससे रकबर की मौत हो गई। इस बीच पुलिस ने बीच में गाड़ी रोककर चाय भी पी।

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1AMQo
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jpg September 16th, 2018 15:17 IST

मरता क्या न करता , सब कर देखा राउल बाबा बाकी रहा न कोय ! साम दाम दन्ड से बढ कर नीति भेद की होय !!