दैनिक भास्कर हिंदी: ओडिशा में पार्टी कार्यकर्ता की हत्या पर भाजपा तल्ख, कहा राज्य में जंगलराज

October 18th, 2019

हाईलाइट

  • ओडिशा में पार्टी कार्यकर्ता की हत्या पर भाजपा तल्ख, कहा राज्य में जंगलराज

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या पर भाजपा ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। बीजद सरकार में भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर हत्या होने का भाजपा ने दावा किया है। भाजपा महासचिव अरुण सिंह का कहना है कि कार्यकर्ता का लैपटॉप जला हुआ मिला। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों व अन्य कार्यों का कार्यकर्ता बतौर कोआर्डिनेटर सत्यापन कर रहा था।

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलकर लौटे भाजपा महासचिव और ओडिशा प्रभारी अरुण सिंह ने शुक्रवार को आईएएनएस से कहा, ओडिशा में वाकई में कानून-व्यवस्था की हालत खराब है। जो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसकी सत्ताधारी दल के गुंडे हत्या कर दे रहे हैं।

भाजपा महासचिव ने कहा, गाइसलेट ब्लाक, बिजेपुर के रहने वाले तारिणी महाले भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रहे थे। वह पार्टी के कार्यकर्ता थे। सरकार की तरफ से स्वच्छ भारत मुहिम के तहत बने शौचालयों का फोटो से सत्यापन करने में जुटे थे। ठेकेदार के खिलाफ जब उन्होंने सूचनाएं मांगी तो अपहरण कर निर्मम हत्या कर दी गई। ठेकेदार ने मारकर महाले को गाड़ दिया था।

अरुण सिंह ने कहा कि इस घटना से तारिणी महाले के दो छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए। हत्या के मामले में सत्ताधारी पार्टी के संगठन बीजू युवा वाहिनी से जुड़ा गुंडा गिरफ्तार हुआ है।

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल की तरह ओडिशा में नवीन पटनायक सरकार में जंगलराज है। जो सरकार और सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहा, उसकी सांसें छीन ली जा रहीं। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पूरी ²ढ़ता से खड़ी है।

उल्लेखनीय है कि तारिणी महाले पिछले 12 अक्टूबर से लापता थे, और 14 अक्टूबर को उनका शव बरामद हुआ।

ओडिशा में इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। एक कार्यकर्ता की हत्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से ठीक पहले हुई थी। 14 अप्रैल, 2019 को भाजपा के खोर्घा मंडल अध्यक्ष मंगुली देना की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। भाजपा ने इसके खिलाफ तब बंद बुलाया था। लोकसभा चुनाव के दौरान इसी महीने आशिका लोकसभा क्षेत्र के कदलीझोला गांव में भाजपा कार्यकर्ता सदाशिव प्रधान की लाठी डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, गंजाम जिले में एक और भाजपा कार्यकर्ता संतोष कुमार पति की भी हत्या पर तनाव पैदा हुआ था। भाजपा इन हत्याओं में सत्ताधारी पार्टी का हाथ मानती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ओडिशा में नवीन पटनायक सरकार के खिलाफ भाजपा के मुखर होकर खड़ा होने से पार्टी कार्यकर्तांओं का उत्पीड़न कर डराने की कोशिश हो रही है।