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उपचुनाव: पश्चिम बंगाल की 3 सीटों पर TMC और उत्तराखंड में BJP की जीत

उपचुनाव: पश्चिम बंगाल की 3 सीटों पर TMC और उत्तराखंड में BJP की जीत

हाईलाइट

  • बंगाल की तीनों विधानसभा सीटों पर TMC ने किया कब्जा
  • ये जनता और विकास की जीत है - CM ममता बेनर्जी
  • उत्तराखंड की पिथौरागढ़ सीट पर BJP की 3,267 मतों से जीत

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की तीन और उत्तराखंड की एक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की गुरुवार को मतगणना के बाद चुनाव आयोग ने परिणाम घोषित किए। सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बंगाल की तीनों विधानसभा सीटों खड़गपुर सदर, कालियागंज और करीमपुर में जीत हासिल की है। वहीं उत्तराखंड की पिथौरागढ़ सीट पर भाजपा प्रत्याशी चंद्रा पंत ने जीत दर्ज की है।

पिथौरागढ़ में उपचुनाव क्यों ?

बता दें कि उत्तराखंड भाजपा के दिग्गज नेता प्रकाश पंत के निधन के कारण पिथौरागढ़ विधानसभा सीट रिक्त हुई थी। इस वजह से यहां उपचुनाव कराया गया। इस सीट पर कांग्रेस की अंजू लुंठी के खिलाफ भाजपा ने प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत पर दांव लगाया था, जिन्होंने दोनों राजनीतिक दलों के बीच मतगणना में चली कांटे की टक्कर के बाद 3,267 मतों से जीत प्राप्त की हैं।

NRC की वजह से हारी भाजपा

कालियागंज से भाजपा उम्मीदवार कमल चंद्र सरकार ने उपचुनाव में अपनी पार्टी के हारने की वजह 'राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC)' को बताया है। उन्होंने कहा कि 'NRC के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर भ्रम पैदा हुआ है, जिस धारणा को लोगों ने नकार दिया और हम जनता तक पहुंचने में कामयाब भी नहीं रहे। इसलिए हमें बंगाल में हार का सामना करना पड़ा।'

वहीं भाजपा के उपचुनाव में खराब प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने बताया कि 'इस हार पर पार्टी आत्ममंथन करेगी।' उन्होंने कहा कि 'पार्टी को नतीजों पर गौर करने की जरूरत है, लेकिन हमें नहीं लगता कि इससे बंगाल में भाजपा की बढ़त में कोई असर पड़ेगा।'

यह जनता की जीत : ममता

TMC तीनों सीटों पर विजयलक्ष्मी का हार पहन चुकी है। पार्टी उम्मीदवार प्रदीप सरकार, खड़गपुर सदर से 20 हजार 853 मतों और तपन देब सिंह ने कालियागंज से 2,414 मतों के साथ विजय हुए हैं। वहीं करीमपुर से बिमलेन्दु सिन्हा राय ने 23 हजार 910 मतों के साथ जीत दर्ज की है। उपचुनाव के परिणाम घोषित होने पर प्रदेश मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने बताया कि 'यह जनता और विकास की जीत है।' उन्होंने कहा कि 'यहां (पश्चिम बंगाल) अहंकार की राजनीति नहीं चलेगी, जनता भाजपा को नकार चुकी है।'

वहीं कृष्णानगर की TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा बताया कि 'भाजपा हर चुनाव में जीतने के लिए हमेशा आश्वस्त रहती है, चाहे वह हरियाणा हो, महाराष्ट्र हो या इस बार पश्चिम बंगाल का के उपचुनाव हो।' उन्होंने कहा कि 'देश की खराब आर्थिक स्थिति और भाजपा की भयानक हिंदू-मुसलमान की राजनीति के चलते लोगों को अब एहसास हो चुका है कि भाजपा क्या है।'

बंगाल में क्यों हुए उपचुनाव ?

दरअसल कालीगंज विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक प्रमथ नाथ रे का 31 मई को निधन हो गया था, तब से यह सीट रिक्त है। वहीं खड़गपुर सदर के भाजपा विधायक दिलीप घोष और करीमपुर की TMC विधायक महुआ मोइत्रा के लोकसभा में निर्वाचित होने के कारण ये दो सीटें भी खाली हो गई। इसी कारण पश्चिम बंगाल की इन तीनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ा।

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