दैनिक भास्कर हिंदी: केंद्र का बड़ा फैसला, कश्मीर में फिर शुरू होगा ऑपरेशन ऑल आउट

August 30th, 2018

हाईलाइट

  • जम्मू कश्मीर में सीजफायर खत्म
  • अब कश्मीर में फिर से शुरू होगा ऑपरेशन ऑल आउट
  • रमजान में एक महीने के लिए लगाई गई थी रोक
  • जम्मू कश्मीर में सीजफायर खत्म
  • अब कश्मीर में फिर से शुरू होगा ऑपरेशन ऑल आउट
  • भारत सरकार ने लगाई थी रोक

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में भारत सरकार ने अहम फैसला लेते हुए सीजफायर खत्म कर दिया है। अब कश्मीर में फिर से ऑपरेशन ऑल आउट शुरू होगा। आतंकवादियों के खिलाफ अभियान पर एकतरफा रोक को लेकर केंद्र सरकार राज्य की सुरक्षा स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। बता दें कि रमजान के पवित्र महीने के मद्देनजर 16 मई को सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान पर एक माह के लिए रोक की घोषणा की थी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू करने की जानकारी दी।

 

 

गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें कश्मीर घाटी में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसी सप्ताह पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या और सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण तथा हत्या ने इस व्यवस्था के आगे जारी रहने पर संदेह पैदा कर दिया था, लेकिन सरकार ने एक बार फिर इस अहम फैसला सुनाते हुए सीजफायर खत्म कर दिया है। 

इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने  साफ कर दिया था कि इसके बारे में वह 17 तारीख को बोलेंगे। हालांकि माना जा रहा था कि घाटी में पिछले एक हफ्ते में हुए ताजा घटनाओं के बाद केंद्र पर सीजफायर खत्म कर ऑपरेशन ऑल आउट दोबारा शुरु करने का जबरदस्त दबाव है। 

सरकार नहीं लेना चाहती जोखिम
भारत सरकार इस महीने की 28 तारीख को शुरू होने जा रही बाबा अमरनाथ यात्रा को लेकर किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती है। चूंकि यह यात्रा आतंकवादियों के लिए आसान निशाना हो सकती है और इसलिए सरकार आतंकवादियों को छूट देकर कोई जोखिम नहीं लेगी। पिछले साल अमरनाथ यात्रियों पर हुये आतंकवादी हमले के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इसके बावजूद,आतंकवादियों के हौसले पस्त करने के लिए सेना को उनके खिलाफ अभियान की छूट देने की भी जरूरत महसूस की जा सकती है। 

विपक्ष ने मोदी सरकार पर साधा था निशाना

केंद्र सरकार ने कश्मीर घाटी में शांति बहाली की दिशा में 15 मई को जम्मू-कश्मीर में एकतरफा सीजफायर की घोषणा की थी। हालांकि इस फैसले के बाद भी सरकार ने सुरक्षाबलों को आतंकी हमलों की स्थिति में मनचाही कार्रवाई की छूट दे रखी थी। इस दौरान कई आतंकी वारदातें भी हुई हैं। सरकार के इस फैसले के बाद लगातार सवाल खड़े किए जा रहे थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा था कि हम आतंकियों की दया पर एकतरफा सीजफायर नहीं कर सकते हैं और उन्हें निहत्थे लोगों की हत्या करने की खुली छूट नहीं दे सकते हैं। अब राज्य और केंद्र सरकार को तय करना है कि एकतरफा या दोतरफा सीजफायर करना है। शिवसेना के प्रमुख उद्दव ठाकरे व एनडीए के सहयोगी दलों ने भी इसके घाटी में होने वाली हिंसक घटनाओं के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार बताया था।