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केंद्र के निर्देश: 8 जून से खुल जाएंगे होटल, रेस्टरोरेंट और शॉपिंग मॉल, जानें- क्या होंगे नियम

June 05th, 2020 01:17 IST
केंद्र के निर्देश: 8 जून से खुल जाएंगे होटल, रेस्टरोरेंट और शॉपिंग मॉल, जानें- क्या होंगे नियम

हाईलाइट

  • रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए
  • रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाए
  • ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से लगा लॉकडाउन अब धीरे-धीरे खुलना लगा है। इसी कड़ी में 1 जून से 30 जून तक अनलॉक-1 की शुरुआत हो चुकी है। अनलॉक-1 के तहत कंटेनमेंट जोन छोड़कर सभी इलाकों में आम जनजीवन को वापस पटरी पर लाने के लिए छूट दी गई है। इसके तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को रेस्टोरेंट खोलने के लिए गाइडलाइन जारी की है। 

दिशानिर्देश के मुताबिक आठ जून से कुछ शर्तों के साथ मॉल्स और रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति दे दी गई है। इन जगहों पर जाते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा बच्चे, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को रेस्टोरेंट जाने से बचने की सलाह दी गई है।

What Will Social Distancing in Restaurants Look Like? - Presto

रेस्टोरेंट के लिए गाइडलाइन

  • कंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। इसके बाहर खोले जा सकते हैं।
  • रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। डिलीवरी करने वाले घर के दरवाजे पर ही पैकेट छोड़ दें, हैंडओवर न करें।
  • होम डिलीवर पर जाने से पहले सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जाए।
  • रेस्टोरेंट के गेट पर हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम होने चाहिए।
  • केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए।
  • कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें।
  • कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखा से लगाने होंगे।
  • रेस्टोरेंट में सोशल  डिस्टेंसिंग को ध्यान रखते हुए स्टाफ को बुलाया जाए।
  • हाई रिस्क वाले कर्मचारियों को लेकर विशेष एहतियात बरती जाए। उनसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आने वाली जगह पर काम न कराया जाए। संभव हो तो कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
  • रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाए।
  • ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए।
  • वॉलेट पार्किंग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को मास्क, हैंड गलब्स पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा पार्किंग के बाद कार की स्टेयरिंग, गेट के हैंडल को सैनिटाइज करना होगा।
  • रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें।
  • ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए।
  • टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में 50% सिटिंग कैपिसिटी से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे।
  • रेस्टोरेंट खाना खिलाने के लिए डोस्पोजेबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाथ धोने के लिए तैलिया की जगह अच्छी क्वालिटी के नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए।
  • ग्राहकों और रेस्टोरेंट को बफेट सर्विस के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा।
  • एलेवेटर्स में एक साथ ज्यादा लोगों के जाने पर पाबंदी होगी।
  • एस्केलेटर्स की एक सीढ़ी पर एक व्यक्ति और एक-एक सीढ़ी छोड़कर खड़े होने को बढ़ावा दिया जाए।
  • सीपीडब्ल्यूडी की गाइडलाइन के मुताबिक, एसी का टेम्परेचर 24-30 डिग्री के बीच रखा जाए। शुद्ध हवा के लिए वेंटिलेशन की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
  • रेस्टोरेंट परिसर में ठीक ढंग से सैनिटाइजेशन के इंतजाम जरूरी हैं। खासतौर से पीने के पानी और हाथ धोने वाली जगहों पर। बाथरूम और गेट के हैंडल भी साफ रखने होंगे।
  • रेस्टोरेंट स्टाफ और ग्राहकों के फेस मास्क और डिस्पोजल आइटम के निस्तारण के लिए उचित इंतजाम होने चाहिए।
  • स्टाफ को फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजेशन और हाइजीन का ध्यान रखना होगा।
  • रेस्टोरेंट को बिना कॉन्टैक्ट के ऑर्डर लेने और डिजिटल पेयमेंट को बढ़ावा देने के लिए इंतजाम करने होंगे।
  • हर कस्टमर्स के खाने के बाद उठने पर टेबलों को सैनिटाइज करना जरूरी होगा।
  • रेस्टोरेंट के किचन एरिया में स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी होगी। किचन एरिया को बराबर सैनिटाइज करना जरूरी होगा।
  • रेस्टोरेंट एरिया में बच्चों के गेम्स खेलने की जगह बंद रहेंगी।

अगर रेस्टोरेंट में कोरोना का कोई संदिग्ध या कंफर्म केस मिलता है तो...

  • एक रूम ऐसा होना चाहिए, जहां उसे तत्काल आइसोलेट किया जा सके।
  • संबंधित ग्राहक को मास्क दिया जाए और बिना देरी किए हेल्पलाइन पर कॉल कर डॉक्टर्स की टीम को बुलाना होगा।
  • स्वास्थ्य विभाग से रेस्टोरेंट में संक्रमण के खतरे और सैनिटाइजेशन की समीक्षा करानी होगी।
  • अगर परिसर में आया कोई व्यकित पॉजिटिव पाया जाता है तो रेस्टोरेंट को डिसइंफेक्ट कराना पड़ेगा।
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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।