comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मेघालय के संगठन 'HNLC' पर लगा बैन, हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते MHA का फैसला

मेघालय के संगठन 'HNLC' पर लगा बैन, हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते MHA का फैसला

हाईलाइट

  • मेघालय के विद्रोही संगठन एचएनएलसी पर केंद्र सरकार ने बैन लगा दिया
  • हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मेघालय के विद्रोही संगठन हेनाइयुट्रेप नेशनल लिब्रेशन काउंसिल (एचएनएलसी) पर सोमवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बैन लगा दिया। हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है।

एक अधिसूचना में, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कहा कि 'एचएनएलसी ने उसके विभिन्न धड़े व संगठन राज्य के इलाकों को तोड़ना चाहते हैं, जिसमें खासी और जयंतिया आदिवासी रहते हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि अगर इसे तुरंत रोका न गया तो एचएनएलसी खुद को दोबारा खड़ा कर और मजबूत हो जाएगा।'

गृह मंत्रालय ने कहा, 'ये ग्रुप पूर्वोत्तर के अन्य विद्रोही समूहों के साथ मिलकर धन जुटाने के लिए नागरिकों को धमकाता है। अपने कैडर को ट्रेनिंग देने के लिए बांग्लादेश में इसने अपने कैंप स्थापित कर रखे हैं।' केंद्र सरकार का यह भी कहना है कि एचएनएलसी की गतिविधियां भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक हैं।

गृह मंत्रालय न कहा, अगर इन पर तत्काल अंकुश और नियंत्रण नहीं किया जाता है, तो एचएनएलसी खुद को फिर से संगठित और पुनर्व्यवस्थित कर लेगा। अपने कैडर बेस का विस्तार करेगा, परिष्कृत हथियारों की खरीद करेगा, नागरिकों और सुरक्षा बलों के जीवन को नुकसान पहुंचाएगा और अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में तेजी लाएगा।'

गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि इन सभी कारणों से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (1967 के 37) की धारा 3 की उप-धारा (1) की प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल कर केंद्र सरकार एचएनएलसी और उसके विभिन्न धड़े व संगठनों को गैरकानूनी घोषित करती है।'

एमएचए ने हाल के दिनों में एचएनएलसी कैडरों द्वारा की गई हिंसा को लिस्ट किया, जिसमें एक नागरिक की हत्या भी शामिल थी। उल्लेखनीय है कि एचएनएलसी पर 16 नवंबर, 2000 को भी प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन बाद में प्रतिबंध हटा लिया गया था।

कमेंट करें
A9Gge
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।