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Indian Army: अब सेना में महिला अफसरों को भी मिलेगा स्थायी कमीशन, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

Indian Army: अब सेना में महिला अफसरों को भी मिलेगा स्थायी कमीशन, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

हाईलाइट

  • सेना में महिलाओं को समान अवसर देने के लिए सरकार का बड़ा कदम
  • भारतीय सेना में महिला अफसरों के स्थायी कमीशन को दी गई मंजूरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सेना में महिलाओं को समान अवसर देने की ओर सरकार ने बड़ा कदम गया है। अब सेना में महिला अफसर भी स्थायी कमीशन पा सकेंगी। रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर आर्मी में महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को सरकार की ओर से स्वीकृति पत्र जारी किया गया, जिसके बाद अब सेना में विभिन्न शीर्ष पदों पर महिलाओं की तैनाती हो सकेगी।

अब जल्द ही परमानेंट कमीशन सेलेक्शन बोर्ड की ओर से महिला अफसरों की तैनाती हो सकेगी। सभी SSC महिलाओं की ओर से ऑप्शन और कागजी कार्रवाई पूरी होने पर सेलेक्शन बोर्ड की ओर से एक्शन शुरू किया जाएगा। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया, भारतीय सेना सभी महिला अधिकारियों को देश की सेवा करने का मौका देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, शॉर्ट सर्विस कमिशन (SSC) की महिला अधिकारियों को इंडियन आर्मी के सभी दस हिस्सों में स्थायी कमीशन की इजाजत दे दी गई है। यानी अब आर्मी एअर डिफेंस, आर्मी एविएशन, सिग्नल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस कॉर्प्स में भी स्थायी कमीशन मिल पाएगा। इसके साथ ही जज एंड एडवोकेट जनरल, आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स में भी ये सुविधा मिलेगी।

जानिए क्या है स्थायी कमीशन का मतलब
स्थायी कमीशन दिये जाने का मतलब है कि, महिला सैन्य अधिकारी अब रिटायरमेंट की उम्र तक सेना में काम कर सकती हैं। अगर वे चाहें तो रिटायरमेंट से पहले भी नौकरी से इस्तीफा दे सकती हैं। अब तक शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत नौकरी कर रही सैन्य महिला अधिकारियों को अब स्थायी कमीशन चुनने का विकल्प दिया जाएगा। स्थायी कमीशन के बाद महिला अफसर पेंशन की भी हकदार हो जाएंगी।

जानिए क्या है शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC)
भारतीय सैन्य सेवा में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से महिला अधिकारियों की भर्ती की जाती है। वे 14 साल तक सेना में नौकरी कर सकती हैं। इस अवधि के बाद उन्हें रिटायर कर दिया जाता है। 20 साल तक नौकरी न कर पाने की वजह से उन्हें रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी नहीं दी जाती है।

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