दैनिक भास्कर हिंदी: भारत-पाकिस्तान के बीच कमांडर लेवल की मीटिंग, सीजफायर को लेकर हुई बात

June 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, जम्मू। पाकिस्तान की तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार किए जा रहे सीजफायर वॉयलेशन के बीच बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल मीटिंग हुई। इस मीटिंग में मुख्य मुद्दा संघर्ष विराम उल्लंघन ही रहा। दोनों पक्षों के बीच इस मामले को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई। बता दें कि बीते सालों की तुलना में इस साल सबसे ज्यादा बार पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम तोड़ा गया है। संघर्ष विराम पर आपसी सहमति के बाद भी पाकिस्तान बार-बार इसका उल्लंघन कर रहा है। इस मुलाकात की जानकारी उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने राज भवन में राज्यपाल एनएन वोहरा को दी। राज्यपाल एनएन वोहरा को इस बारे में बताया गया कि सीमापार से घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए कैसे अतिरिक्त सैनिकों के साथ एलओसी को मजबूत किया गया है।

 

 

 

DGMO लेवल पर भी हुई थी बातचीत
इससे पहले 29 मई 2018 को DGMO लेवल पर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत हुई थी। इस मीटिंग में भारत के सैन्य संचालन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक ने सीजफायर समझौते को जारी रखने और बॉर्डर पर शांति रखने की अपील की थी। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच ये बातचीत हॉटलाइन पर हुई थी। पाकिस्तान के डीजीएमओ की तरफ से इस बैठक के लिए अपील की गई थी। दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में इस बात पर सहमति बनी थी कि अगर किसी कारण से स्थिति बिगड़ती है तो सीमा पर माहौल खराब नहीं किया जाएगा और हॉटलाइन से संपर्क और लोकल कमांडर लेवल की फ्लैग मीटिंग के जरिए इसे सुलझाया जाएगा।

2003 में हुआ था सीजफायर समझौता
बता दें कि 2003 में भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर गैर-लिखित समझौता हुआ था। इसका मकसद था जम्मू कश्मीर की करीब 1200 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल यानि कि एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दोनों देश की ओर से गोलाबारी ना हो, लेकिन ऐसा हो ना सका। सरहद पर आमने-सामने की गोलाबारी तो ना के बराबर हुई पर सीजफायर का उल्लंघन जारी रहा। भारत लगातार आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के लिए अक्सर फायरिंग करता रहता है।

एक लाख लोगों को किया शिफ्ट
हालिया दिनों में पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत हुई है। पाकिस्तान की गोलीबारी के कारण बॉर्डर से सटे गावों में रह रहे करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।