comScore

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में 10 सितंबर को कांग्रेस का ‘भारत बंद’

September 07th, 2018 10:48 IST

हाईलाइट

  • लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने 10 सितंबर को भारत बंद बुलाया है।
  • केंद्र की सत्ताधारी मोदी सरकार अभी इस महंगाई से निजात दिलाती नहीं दिख रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम के कारण महंगाई आसमान छूने लगी है। केंद्र की सत्ताधारी मोदी सरकार अभी इस महंगाई से निजात दिलाती नहीं दिख रही है, जिसका विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने विरोध जताया है। लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने 10 सितंबर को भारत बंद बुलाया है।कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी ने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। यह भारत बंद सुबह 9 बजे से दिन में 3 बजे तक जारी रहेगा, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। 

कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा, महंगाई मार रही है। पेट्रोल डीज़ल कमर तोड़ रहे हैं। जनता परेशान है। हमने अपने दल के नेताओं के साथ बैठक की और विपक्षी पार्टियों से भी बात की। बैठक के बाद फैसला लिया है कि 10 सितंबर को भारत बंद करेंगे। इस दौरान हर पेट्रोल पंप पर धरना देंगे। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'तेल से सरकार को 11 लाख करोड़ की कमाई, किसकी जेब में गई सरकार बता नहीं रही।

बता दें कि गुरुवार 6 सितंबर को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी के साथ गुरुवार को नई दिल्ली में पेट्रोल 79.51 रुपए और डीजल 71.55 रुपए प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। दोनों के दामों में लगभग 20 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 87 रुपए और डीजल के दाम बढ़कर 75.96 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

विपक्ष के निशाने पर सरकार 
पेट्रोल और डीजल के दामों का लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। साथ ही विपक्षी दल पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने की मांग भी लंबे समय से कर रहे हैं। वहीं पेट्रोल और डीजल के आसमान छूते दामों को लेकर आम लोगों में भी काफी आक्रोश है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए के पूर्व सहयोगी एन चंद्रबाबू नायडू ने अपने एक बयान में कहा थी कि जल्द ही देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर होगी।

एससी-एसटी एक्ट पर सवर्णों का भारत बंद
गौरतलब है कि एससी-एसटी एक्ट में केंद्र सरकार की ओर से किए गए संशोधन के विरोध में सवर्णों द्वारा 6 सितंबर को भारत बंद बुलाया गया। इस भारत बंद का बेहद व्यापक असर देखने को मिला। सबसे ज्यादा असर बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में दिखाई दिया। इन चार राज्यों में कहीं हाईवे पर चक्काजाम कर आवागमन को रोका गया, तो कहीं रेलवे पटरी पर खड़े होकर ट्रेनों को रोका गया। सवर्णों की नाराजगी का सबसे ज्यादा सामना मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार को झेलना पड़ा। यहां कई जिलों में आगजनी और जबरन दुकानें बंद करवाई गईं। अशोक नगर, गुना, ब्यावरा-राजगढ़, भिंड और सतना में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा। इन जिलों में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

भारत बंद को देखते हुए मध्य प्रदेश के 11 से ज्यादा जिलों में धारा 144 लगाई गई, विभिन्न जिलों में स्कूल और पेट्रोल पंप भी बंद रहे। वहीं बिहार में कई जगह नेशनल हाईवे को जाम कर दिया गया। यहां आरा में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को भी रोक दिया गया। उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी छुटपुट घटनाएं सामने आई हैं।

कमेंट करें
fb0XW